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हाई कोर्ट ने कृषि अधिकारी के 155 KM दूर तबादले पर लगाई रोक, पंजाब सरकार को लगाई फटकार

Published: Sun, 13 Sep 2026 05:08 AM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कृषि विस्तार अधिकारी कुलदीप सिंह के 155 किलोमीटर दूर हुए तबादले पर रोक लगा ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने 155 KM दूर तबादले पर लगाई रोक। सांकेतिक फोटो

हाई कोर्ट ने 155 KM दूर तबादले पर लगाई रोक। सांकेतिक फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह के 155 किमी तबादले पर रोक लगाई।

  2. पंजाब सरकार को तबादला नीति का पालन न करने पर फटकार।

  3. सामान्य प्रक्रिया के बाद बिना वैध कारण तबादला कानूनन गलत।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सामान्य तबादला प्रक्रिया समाप्त होने के बाद किए गए कृषि विस्तार अधिकारी कुलदीप सिंह के तबादले पर रोक लगा दी है। कुलदीप सिंह को गुरदासपुर के कहनूवान ब्लाक से लुधियाना के समराला ब्लाक में स्थानांतरित किया गया था, जोकि 155 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर है।

कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अपनी ही तबादला नीति का पालन करने में विफल रही है और कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

कुलदीप सिंह के तबादले का कोई वैध कारण नहीं

सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की 23 अप्रैल 2018 की तबादला नीति के तहत सामान्य तबादला प्रक्रिया 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद किए गए तबादले मध्यावधि तबादले की श्रेणी में आते हैं।

नीति में मध्यावधि तबादले के लिए कुछ सीमित परिस्थितियां निर्धारित की गई हैं, जैसे पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, विभागीय पुनर्गठन, कर्मचारी की मृत्यु, इस्तीफा, बर्खास्तगी, लंबी छुट्टी, प्रतिनियुक्ति या निलंबन, अदालत के आदेश तथा आपसी तबादले।

कोर्ट ने पाया कि 25 अगस्त को जारी आदेश में कुलदीप सिंह के तबादले का कोई वैध कारण नहीं बताया गया था, जो नीति में निर्धारित परिस्थितियों के अंतर्गत आता हो। उनका तबादला समराला में तैनात कृषि विस्तार अधिकारी सिमरनदीप कौर के स्थान पर किया गया था। कोर्ट ने इसे कानूनन गलत मानते हुए याचिकाकर्ता को हुई परेशानी को ध्यान में रखा।

राज्य सरकार ने दिया आश्वासन

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि सिमरनदीप कौर ने मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद दो मार्च 2026 को समराला में कार्यभार संभाला था। कोर्ट ने कहा कि जब संबंधित अधिकारी मातृत्व अवकाश पर थीं, तब कुलदीप सिंह का तबादला उचित नहीं था।

हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह के तबादले पर याचिका लंबित रहने तक रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि आगे मध्यावधि तबादले केवल नीति की धारा तीन में निर्धारित परिस्थितियों के अनुसार ही किए जाएंगे। कोर्ट ने आदेश की प्रति पंजाब के मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।