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चंडीगढ़ में एक महीने के भीतर बनानी होगी सड़क, हाईकोर्ट का आदेश; गंदे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजर रहे स्कूली बच्चे

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:35 PM (IST)

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित एक स्कूल तक जाने वाली सड़क के निर्माण में देरी पर नाराजगी जताई है। ...और पढ़ें

टूटी सड़क की वजह से स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी का मामला पहुंचा हाईकोर्ट। (सांकेतिक फोटो)

टूटी सड़क की वजह से स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी का मामला पहुंचा हाईकोर्ट। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी।

  2. तारकोल उपलब्ध होने पर भी काम न होने पर सवाल।

  3. अगली सुनवाई 30 नवंबर के लिए निर्धारित की गई।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मनीमाजरा के सेक्टर-13 स्थित पाकेट नंबर-6 के राजकीय माॅडल मिडिल स्कूल तक पहुंचने के लिए गंदे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर सड़क निर्माण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब सड़क बनाने के लिए जरूरी तारकोल चंडीगढ़ में ही उपलब्ध है तो फिर सड़क के छोटे हिस्से का निर्माण करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। अदालत में मौजूद अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि सड़क निर्माण के लिए आवश्यक तारकोल चंडीगढ़ में उपलब्ध है।

इसके बाद नगर निगम की ओर से एक महीने के भीतर संबंधित सड़क का निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया गया। जनहित याचिका दाखिल करने वाले डेफाई जिंदल ने अदालत को बताया कि कक्षा पहली से सातवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध नहीं है।

स्कूल में सुबह और शाम की दो पालियों में पढ़ाई होती है, जिससे शाम को छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ जाती है।याचिका में बताया गया कि स्कूल तक जाने वाला रास्ता कच्चा, ऊबड़-खाबड़ और ढलानदार है। आसपास झाड़ियां उगी हुई हैं, कूड़ा जमा रहता है और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है।

इसके अलावा, आसपास अस्थायी ढांचे और झुग्गियां होने के साथ स्कूल की चारदीवारी से करीब 50 से 60 फीट की दूरी पर एक नाला भी मौजूद है। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में संबंधित अधिकारी अदालत में उपस्थित हुए।

सुनवाई के दौरान अधिकारी ने स्वीकार किया कि सड़क निर्माण के लिए आवश्यक तारकोल चंडीगढ़ में उपलब्ध है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जब निर्माण सामग्री उपलब्ध है तो सड़क के इतने छोटे हिस्से का निर्माण करना संभव क्यों नहीं होना चाहिए।

अदालत में मौजूद नगर निगम, चंडीगढ़ के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र शर्मा ने अदालत को आश्वासन दिया कि संबंधित सड़क का निर्माण एक महीने के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर, 2026 के लिए निर्धारित की है।

अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश

अदालत ने नगर निगम, चंडीगढ़ को निर्देश दिया कि अगली तारीख पर अनुपालन हलफनामा दाखिल किया जाए। इस हलफनामे के माध्यम से नगर निगम को यह बताना होगा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार सड़क निर्माण का काम पूरा किया गया है या नहीं।

इससे पहले मंगलवार को यूक्रेन में युद्ध के कारण तारकोल की कमी का हवाला देकर सड़क निर्माण का टेंडर जारी नहीं करने की कोर्ट को जानकारी दी गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को तलब किया था।