जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडल में 9 नए मंत्रियों के शामिल होने के दो दिन बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस विस्तार पर पंजाब सरकार से जवाब मांग लिया है। कैप्टन मंत्रिमंडल के विस्तार से कुछ घंटे पहले ही एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब सरकार के इस फैसले को चुनौती दे दी थी।

एडवोकेट भट्टी द्वारा दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने मंत्रिमंडल में 9 नए मंत्रियों को शामिल करके संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है। भट्टी ने कहा है कि 91वें संवैधानिक संशोधन के अनुसार किसी राज्य के मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या, राज्य के विधानसभा सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।

भट्टी ने कहा कि पंजाब की विधानसभा में 117 विधायकों के होने के चलते, राज्य के मंत्रिमंडल में 17 से अधिक मंत्री नहीं हो सकते, लेकिन पंजाब सरकार ने 9 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल कर 91वें संवैधानिक संशोधन के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

मंत्रिमंडल में अतिरिक्त मंत्रियों को सार्वजनिक कोष पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए भट्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि मंत्रियों के मासिक वेतन और भत्ते, आवास ताखा वाहन जैसी सुविधाएं राज्य के सार्वजानिक कोष पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को 9 मई के नोटिस जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पंजाब में मुख्यमंत्री के समेत मंत्रियों की संख्या 18 पहुंच गई है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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