बलवान करिवाल, चंडीगढ़

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को स्पेशल कोर्ट या कोई अन्य ब्रांच कैपिटल कांप्लेक्स से बाहर बनानी होगी। हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी ने बुधवार को यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित मीटिग के बाद यह फैसला लिया है। कमेटी का तर्क है कि कंसल्टेशन आर्बिट्रेशन से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट भी बनाई जा सकती है। यह ब्रांच या स्पेशल कोर्ट चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला जैसे शहरों में या कहीं और हो सकती हैं।

कमेटी ने हाई कोर्ट के कुल एरिया 2.96 लाख वर्ग गज को तीन लाख वर्ग गज करने को मंजूरी दे दी, लेकिन इस बढ़े एरिया पर ग्राउंड के साथ एक ही मंजिल कंस्ट्रक्शन हो सकेगी। जबकि प्रस्ताव ग्राउंड और तीन मंजिल का था। कमेटी ने यूनेस्को ना‌र्म्स का हवाला देते हुए ग्राउंड प्लस वन की ही मंजूरी दी है।

कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि कैपिटल कांप्लेक्स हेरिटेज साइट है। अभी तो हाई कोर्ट से जुड़े ऑफिस या अन्य चीजों के लिए कुछ स्पेस बढ़ाया जा रहा है, लेकिन आगे के लिए इसे फ्रीज कर दिया जाए। भविष्य में यहां कहीं स्पेस बढ़ाना संभव नहीं है। कमेटी ने हाई कोर्ट को भी यह जानकारी देने की बात कही। इसका कारण कैपिटल कांप्लेक्स का व‌र्ल्ड हेरिटेज साइट होना है। यूनेस्को की गाइडलाइंस अनुसार कैपिटल कांप्लेक्स के मूल स्वरूप में बदलाव नहीं किया जा सकता। यहां कोई भी नई कंस्ट्रक्शन नहीं हो सकती।केवल पहले से बनी बिल्डिग में शौचालय और अन्य छोटी-छोटी जरूरतें ही पूरी की जा सकती हैं। स्पेशल कोर्ट से शटल बस सर्विस

एडवाइजर मनोज कुमार परिदा ने कहा कि हेरिटेज कमेटी ने अभी स्पेस बढ़ाने को मंजूरी दे दी है, लेकिन भविष्य में इसे फ्रीज करने को कहा है। इससे कोई नई कंस्ट्रक्शन न हो। कमेटी के इस फैसले से हाई कोर्ट को अवगत करा दिया जाएगा। कोई ब्रांच या स्पेशल कोर्ट कैपिटल कांप्लेक्स से बाहर कहीं चंडीगढ़ में या मोहाली में हो सकती है। वहां से शटल बस सर्विस उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे कारों की संख्या घटेगी। अलग हाई कोर्ट की उठती रही है मांग

इससे पहले कई बार पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को अलग करने की मांग भी उठती रही है। खासकर हरियाणा अलग हाई कोर्ट की मांग करता रहा है। वर्षों से यह आवाज हरियाणा उठाता रहा है, हालांकि हरियाणा हाई कोर्ट की इस बिल्डिग में अपना हिस्सा नहीं छोड़ना चाहता। वह इसी में आधा शेयर चाहता है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा के लिए अलग से बेंच की मांग भी उठती रही है। महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम जैसे जिले उनके आस-पास ऐसी बेंच चाहते हैं। इससे उनको चंडीगढ़ न आना पड़े।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!