चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फसलों के समर्थन मूल्‍य को लेकर बड़ा आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि किसानों को सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने के बारे में केंद्र, पंजाब व हरियाणा की सरकारें आठ सप्ताह में निर्णय लें। हाई कोर्ट ने यह आदेश पंजाब के मोहाली के एक किसान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

केंद्र सरकार, पंजाब व हरियाणा को हाई कोर्ट ने दिए आदेश

याचिका कर्ता ने अपनी अर्जी में एक ज्ञापन भी लगाया है और इसमें कई मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और जस्टिस राजीव शर्मा की खंडपीठ ने एक याचिकाकर्ता के ज्ञापन में शामिल सिफारिशों को लागू करने को लेकर यह आदेश दिए हैैं।

मोहाली निवासी राम कुमार द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी  दोगुणा करने का दावा कर रही है, लेकिन सभी फसलों के लिए एमएसपी तय करने पर अब तक कुछ नहीं किया गया है। 2010 में केंद्र सरकार ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक वर्किंग कमेटी बनाई थी।

याचिका में कहा गया है कि इस कमेटी ने किसानों के कल्याण के लिए सभी फसलों पर एमएसपी दिए जाने की सिफारिश की थी। आठ साल से सरकारें इन सिफारिशों को लागू करवाने की दिशा में कुछ नहीं कर पाई हैं। इससे किसानों को कोई राहत नहीं मिल पाई है।

याचिका में कहा गया है कि अब केंद्र सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन कर दिया है। अगर ऐसी कमेटियों द्वारा दी गई सिफारिशें लागू ही नहीं की जातीं तो ऐसे पैनल गठित करने का कोई मतलब नहीं है।

याचिकाकर्ता के मुताबिक इस मामले पर वर्तमान प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राज्य सरकारों को ज्ञापन दे चुके हैं परंतु अब तक इस विषय पर कुछ नहीं हुआ है और किसानों की दशा बदतर बनी हुई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि सिरसा जिले में कुछ किसानों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर इच्छा मृत्यु तक की भी मांग की है।

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!