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200 रुपये की रिश्वत ने 21 साल तक नहीं छोड़ा पीछा, 2 साल की जेल के बाद अब हाई कोर्ट ने क्लर्क को किया बरी

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:38 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 200 रुपये की रिश्वत के आरोप में एक सरकारी क्लर्क को 21 साल बाद ...और पढ़ें

200 रुपये रिश्वत मामले में 21 साल बाद क्लर्क बरी।

200 रुपये रिश्वत मामले में 21 साल बाद क्लर्क बरी।

HighLights

  1. क्लर्क को 200 रुपये रिश्वत मामले में 21 साल बाद बरी किया

  2. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 2005 की दोषसिद्धि को पलटा

  3. न्यायालय ने कहा, रिश्वत की मांग साबित होना आवश्यक है

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। 200 रुपये की कथित रिश्वत का मामला एक सरकारी क्लर्क का 21 वर्षों तक पीछा करता रहा। वर्ष 2001 में भैंस खरीदने के लिए ऋण मांगने वाले व्यक्ति से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार क्लर्क को 2005 में दोषी ठहराया गया था।

उसे दो साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस दोषसिद्धि को पलटते हुए क्लर्क को बरी कर दिया है।

न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने कहा कि रिश्वत की मांग का साबित होना आवश्यक है। यदि साक्ष्य संदिग्ध हों, तो केवल करंसी नोटों की बरामदगी पर दोषसिद्धि कायम नहीं रह सकती।

शिकायतकर्ता ने 2000 में ऋण के लिए आवेदन किया था, जहां आरोपित क्लर्क ने 200 रुपये की रिश्वत मांगी थी। हाई कोर्ट ने साक्ष्यों का मूल्यांकन करते हुए आरोपित को बरी कर दिया।