यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरियाणा में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर सरकार से जवाब तलब, हाई कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर सरकार और नियुक्त ...और पढ़ें

HighLights
- नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
- याचिकाकर्ता ने लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप
- 23 जुलाई को अगली सुनवाई
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार व नियुक्त सूचना आयुक्तों से जवाब तलब किया है। इसी के साथ कोर्ट ने याची पर याचिका में कमी होने पर एक हजार रुपये पर का जुर्माना भी लगाया।
हरियाणा सरकार द्वारा पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को हरियाणा का मुख्य सूचना आयुक्त लगाया गया है। सरकार द्वारा जिन चार राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की गई है, उनमें अमरजीत सिंह, कर्मवीर सिंह सैनी, संजय मदान और नीता खेड़ा शामिल हैं।
याचिका में नीता खेड़ा की नियुक्ति पर विशेष रूप से आरोप लगाया गया कि वह अगस्त 2016 से अगस्त 2022 तक हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य रह चुकी हैं।
संविधान के अनुच्छेद 319 (डी) के अनुसार हरियाणा लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य को राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता।
याची हाई कोर्ट के वकील जगमोहन भट्टी ने याचिका दायर करते हुए कहा कि जिन व्यक्तियों को सूचना आयुक्त लगाया गया है, वह हरियाणा के सत्तारूढ़ राजनीतिक दल से संबंधित हैं। यह संविधान के नियमों का उल्लंघन है। याचिका में इन नियुक्तियों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एक बार सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया था। लेकिन हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट दीपक बल्याण ने जोरदार पैरवी करते हुए कहा कि यह विषय कर्नाटक हाई कोर्ट तय कर कर चुका है और अब इसका कोई औचित्य नहीं बनता।
बल्याण के आग्रह पर कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी नहीं करते हुए इस मामले में जवाब दायर करने का आदेश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
