जेएनएन, चंडीगढ़। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 1984 के सिख कत्लेआम के दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए गांधी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज सज्जन कुमार को सजा हुई है। कल टाइटलर, फिर कमलनाथ और अंत में गांधी परिवार की बारी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जवाब दें कि उन्होंने सिख कत्लेआम में कांग्रेस की भूमिका न होने का झूठ क्यों बोला था? यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पुराने केसों को दोबारा खुलवाने के फैसले के कारण ही संभव हो पाया है, जिन्हे कांग्रेस ने बंद करवा दिया था।

अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण 1984 के पीडि़तों को इंसाफ नहीं दिया गया। अब यूपीए चेयरमैन सोनिया गांधी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सहयोगी के तौर पर उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही जगदीश टाइटलर व कमलनाथ का भी यही हश्र होगा। उन्होंने कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने पर आलोचना की है। पत्रकार वार्ता में अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा व बिक्रम मजीठिया भी मौजूद थे।

सज्जन को बचाती रही कांग्रेस

पूर्व मंत्री व अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि कितने अफसोस की बात है कि अदालत में सज्जन के बचाव पक्ष के वकील के तौर पर कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल ने केस लड़ा था। यह सब गांधी परिवार की दखलअंदाजी के कारण ही हो सकता है।

कांग्रेस की मान्यता रद हो

वरिष्ठ अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कांग्रेस की मान्यता तक रद करने की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि मेरी निजी राय यह है कि अदालतों ने कांग्रेस पार्टी को दोषियों को संरक्षण देने का दोषी माना है, इसीलिए चुनाव आयोग को कांग्रेस पार्टी की मान्यता रद कर देनी चाहिए।

कांग्रेस की नीयत में खोट था

केंद्रीय मंत्री विजय सांपला का कहना है कि इंसाफ के लिए लोगों को 34 साल इंतजार करना पड़ा। न्याय पहले भी मिल सकता था। कांग्रेस की नीयत में खोट था। 84 कत्लेआम के बाद लगातार केंद्र में राज करती कांग्रेस पार्टी ने अपने बड़े नेताओं व वर्करों को बचाने के लिए हर तरह के हत्थकंडे अपनाए, पर कानून के हाथ लंबे होते हैं और सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा से इस बात की पुष्टि होती है।

न्याय में देरी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने कहा कि न्याय में देर भी अंधेर है और सिख समाज के साथ हुई इस अंधेरगर्दी के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस पार्टी की सरकारें जिम्मेदार है। जिन्होंने अभी तक न्याय प्रणाली की आंखों में धूल झोंकने का ही काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों से दंगाइयों को सजा का सिलसिला शुरू हुआ है। इससे पीडि़त समाज के जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास हुआ है।

कमलनाथ की सीएम बना जख्मों पर नकम छिड़का

अकाली सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा का कहना है कि कांग्रेस हमेशा ही सिखों की भावनाओं के साथ खेलती रही है। एक तरफ कोर्ट ने सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई। वहीं, कांग्र्रेस ने कमल नाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बना कर सिखों के जख्मों पर नमक छिड़का है।

एसजीपीसी अध्यक्ष लोंगोवाल बोले, सज्जन कुमार को मिले फांसी

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने सज्जन कुमार को उम्रकैद का स्वागत किया है। उन्होंने कहा अब सिख कौम को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। सज्जन कुमार को उम्र कैद नहीं बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। कमलनाथ व अन्य दोषियों को भी सजाएं मिलनी चाहिए। कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने सिख कौम के जख्मों पर नमक छिड़का है। मोदी सरकार के प्रयासों से ही सिखों को न्याय मिल पाया है।

सिखों में न्याय प्रणाली पर विश्वास बढ़ा: ज्ञानी गुरबचन सिंह

श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिह ने कहा कि सज्जन कुमार को  उम्रकैद की सजा सुनाए जाने से सिखों में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास पैदा हुआ है। जिनको कांग्रेस पार्टी लंबे समय से बचाती आ रही थी वह कत्लेआम में मुख्य दोषी थे। उम्मीद है कि अब इस मामले में कमलनाथ व जगदीश टाइटलर को भी सजा मिलेगी। कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाना अति निंदनीय है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt