आनलाइन डेस्क, चंडीगढ़। Happy New Year 2022: नए साल-2022 का चंडीगढ़ के लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। कड़ी सुरक्षा के बीच शहरवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। चंडीगढ़ पुलिस विभाग ने शहर में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए हुए थे। हालांकि लोगों में कोरोना के खतरे का कोई डर नहीं दिखा।

शहर के क्लब, डिस्कोथेक और होटल 31 दिसंबर और एक जनवरी की मध्य रात पूरी तरह पैक थे। शहर के कई सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी-बड़ी पार्टियों का आयोजन किया गया। जिनमें लोग जमकर थिरके। हालांकि कोरोना के मद्देनजर चंडीगढ़ में नियमों का पालन करने के लिए खास हिदायत दी गई थी। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए नया साल सेलिब्रेट करने के निर्देश थे। देखने में तो ऐसा नहीं लगा कि लोग प्रशासन की बंदिशों को मानने के प्रति गंभीर हैं। वहीं, युवा क्लबों में खूब मस्ती करते हुए दिखाई दिए।

चंडीगढ़ में सभी क्लब और डिस्कोथेक 31 दिसंबर की रात को फुल थे।

चंडीगढ़ की सड़कों पर रात भर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था वहीं, महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से महिला पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

नए साल के आगमन के लिए शहर में कई तरह की व्यवस्थाएं की गई थीं, सेक्टर-34 दशहरा ग्राउंड में लगे मेले में बड़े-बड़े झूले लगाए गए हैं।

चंडीगढ़ की लाइफ लाइन कहे जाने वाले पर्यटन स्थल सुखना लेक पर दिनभर पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। नए साल के जश्न के लिए लोग दिन में ही तैयारियों में जुट गए थे। हालांकि प्रशासन ने कोविड प्रोटोकाल के तहत फुली वैक्सीनेटेड लोगों को ही सार्वजनिक स्थानों में जाने की अनुमति दी है। इस दौरान कुछ लोग बिना मास्क के भी दिखाई दिए। वहीं, नियमों का पालन करवाने के लिए पुलिस जवानों को भी तैतान किया गया था।

शहर में अधिकतर चौराहों को टाइटिंग से सजाया गया था। जो रात के समय रंग-बिरंगी लाइटों के चमक रहे थे। यह व्यवस्था खास तौर पर प्रशासन की तरफ से नए साल के लिए की गई थी।

सेक्टर-33 में लगे मेले में लगे बड़े-बड़े झूलों का आनंद उठाते शहर के लोग।

संक्रमण के चंगुल में फंसी पृथ्वी को सांस लेने दो... नए साल की नई सुबह हुई है। लेकिन ऐसा लगता है यह सुबह भी वैसी ही है जैसी पिछले साल कोरोना के चुंगल में पूरी पृथ्वी फंसी थी। ऐसा लगता है संक्रमण के इसी घेरे में खूबसूरत प्रकृति जकड़ रही है। प्रकृति से होने वाले खिलवाड़ को रोककर उसे भी सांस लेने का मौका दिया जाए यही संदेश यह उड़ता बबल दे रहा है। फोटो-संजय घिल्डियाल

Edited By: Ankesh Thakur