गुजरात के विद्यार्थियों का पंजाब दौरा, पंजाबी संस्कृति को करीब से जाना; वापसी के समय राज्यपाल के साथ ब्रेकफास्ट
गुजरात के 47 विद्यार्थियों ने युवा संगम कार्यक्रम के तहत पंजाब का दौरा किया और यहां की समृद्ध संस्कृति, शिक्षा ...और पढ़ें

पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के दौरान गुजरात से आए विद्यार्थी।
HighLights
गुजरात के 47 छात्रों ने युवा संगम में पंजाब का दौरा किया।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से ब्रेकफास्ट पर की मुलाकात।
छात्रों ने पंजाब की समृद्ध संस्कृति और विरासत को जाना।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) की मेजबानी में युवा संगम कार्यक्रम के तहत पंजाब के सप्ताह भर के दौरे पर आया। गुजरात के 47 विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपने गृह राज्य रवाना होने से पहले वीरवार को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से ब्रेकफास्ट पर मुलाकात की।
युवा संगम कार्यक्रम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ वहां की शिक्षा, उद्योग, सामाजिक जीवन और संस्कृति से रूबरू कराना है।
राज्यपाल से बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने पटियाला, श्री आनंदपुर साहिब, लुधियाना और अमृतसर के दौरे के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और विविधता की सराहना की।
विद्यार्थियों ने बताया कि पंजाबी विश्वविद्यालय, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अमृतसर जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के दौरे से उन्हें राज्य की शिक्षा व्यवस्था, शोध कार्यों और शैक्षणिक स्तर को करीब से समझने का अवसर मिला।
पंजाब के औद्योगिक विकास और सामाजिक परंपराओं से परिचित होने से भी उनके ज्ञान और अनुभव में वृद्धि हुई। अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित समारोह को विद्यार्थियों ने अपने दौरे का यादगार अनुभव बताया। उन्होंने वहां देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और अनुशासन की भावना को करीब से महसूस किया।
पंजाब की आध्यात्मिक विरासत भी समझी
वहीं, श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) और श्री आनंदपुर साहिब के दौरे से उन्हें पंजाब की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को समझने का अवसर मिला। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा की युवा संगम देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को एक-दूसरे की परंपराओं, संस्कृति, शैक्षणिक उपलब्धियों और जीवनशैली को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना
ऐसे कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं और एकजुट भारत के विचार को आगे बढ़ाते हैं। इस दौरे से प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता का संदेशवाहक बनने और एक मजबूत एवं समावेशी राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।”
