[चंडीगढ़, डॉ. सुमित सिंह श्योराण] यूटी शिक्षा विभाग में गेस्ट शिक्षकों के तौर पर नियुक्त शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। शिक्षा विभाग ने सभी गेस्ट शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस संबंध में शिक्षा सचिव की ओर से निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। दिसंबर के वेतन में शिक्षकों को बढ़ा हुआ वेतन मिल जाएगा। वेतन बढ़ोतरी 1 जुलाई 2018 से लागू होगा। विभाग में इस समय गेस्ट शिक्षक के तौर पर 400 से अधिक कार्यरत हैं। शिक्षकों को एरियर भी जल्द जारी कर दिया जाएगा।

जानकारी अनुसार शिक्षा विभाग ने गेस्ट शिक्षकों के डीए में बढ़ोतरी कर दी है। डीए को 142 से बढ़ाकर 148 फीसद कर दिया गया है। 11 अगस्त 2018 को यूटी के परसोनल विभाग ने फाइनेंस विभाग को गेस्ट शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी का प्रपोजल भेजा था। जिसे 18 सितंबर को फाइनेंस विभाग ने भी मंजूरी दे दी। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने शिक्षा सचिव के आदेशों पर गेस्ट शिक्षकों के वेतन बढ़ोतरी के निर्देश जारी कर दिए। गौरतलब है काफी समय से गेस्ट टीचर्स वेतन बढ़ोतरी को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं।

गेस्ट लेक्चरर को मिलेगा 50,344 रुपये मासिक वेतन

1 जुलाई 2018 से यूटी के सभी गेस्ट शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी की गई है। जानकारी अनुसार गेस्ट लेक्चरर का वेतन 49125 से बढ़ाकर 50344, मास्टर का वेतन 44649 से 45756 और जेबीटी को 39421 से 40399 रुपये मासिक बढ़ोतरी की गई है। पीरियड के आधार निर्धारित वेतन से अधिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा। गौरतलब है चंडीगढ़ के गेस्ट शिक्षकों का वेतन पंजाब और हरियाणा के मुकाबले काफी अधिक है। शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति 2010 में की गई थी। गेस्ट शिक्षकों को विभाग द्वारा रेगुलर शिक्षकों के लिए मंजूरी पदों पर नियुक्ति दी गई थी।

ड्यूटी रेगुलर के बराबर, वेतन और छुट्टी में भेदभाव

शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में 10 सालों से नियुक्ति गेस्ट शिक्षक पंजाब की तर्ज पर रेगुलर किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के अलावा सांसद किरण खेर और प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भी ज्ञापन दिया है। गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ के उप प्रधान वेद पाल का कहना है कि स्कूलों में गेस्ट टीचर रेगुलर की तरह काम करते हैं, लेकिन उन्हें वेतन और मेडिकल लीव रेगुलर की तरह नहीं दी जाती। गेस्ट टीचर्स को महीने में सिर्फ एक छुïट्टी मंजूर है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने मेडिकल लीव मंजूर कर दी है। चंडीगढ़ में भी पंजाब के रुल्स लागू होते हैं। पंजाब सर्विस रुल्स को चंडीगढ़ के गेस्ट टीचर्स के लिए भी लागू किया जाए। सरकारी स्कूलों में गेस्ट जेबीटी को हर हफ्ते 169 ,मास्टर को 156 और लेक्चरर को 130 पीरियड लेना अनिवार्य है।

एसएसए शिक्षकों को रेगुलर करने के मामले में एमएचआरडी को भेजा जवाब

शिक्षा विभाग में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत्त एसएसए शिक्षकों को रेगुलर किए जाने के मामले में मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने शिक्षा विभाग से कुछ प्वाइंट पर जवाब तलब किया है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में बीते सप्ताह शिक्षा विभाग ने एमएचआरडी को जवाब भेद दिया है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत्त 650 एसएसए शिक्षकों द्वारा कई सालों से रेगुलर किए जाने की मांग की जा रही है। 2013 में एसएसए के तहत भर्ती 1375 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों में से अब 650 के करीब ही कार्यरत्त हैं। काफी टीचर्स पंजाब और हरियाणा में हुई रेगुलर भर्ती के बाद नौकरी छोड़ चुके हैं।

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Posted By: Sat Paul

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