जेएनएन, चंड़ीगढ़। पंजाब में नशे के बढ़ते मामलों के बाद चंडीगढ़ भी सजग हो गया है। हाल ही में हाई कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान प्रशासन के वकील ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन शादी से पहले दूल्हे का डोप टेस्ट करने के लिए तैयार है। हालांकि इसके लिए दूल्हे का सहमत होना जरूरी है।

बता दें, पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा में अधिकतर पारिवारिक विवाद का कारण नशा है। नशे के कारण कई घरों में टकराव हो रहा है। पंजाब में तो कई युवा नशे के कारण काल ग्रास बन गए हैं। इसी कारण पंजाब सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का डोप टेस्ट करने का फैसला किया है।

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि सरकारी मुलाजिम डोप टेस्ट में पॉजीटिव पाया गया तो उनको सजा नहीं मिलेगी और न ही उसे नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जाएगा। उस मुलाजिम की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उसका इलाज करवाया जाएगा।

कैप्‍टन ने कहा कि नशे का इस्‍तेमाल करने वाले जो व्यक्ति सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए खर्च वहन नहीं कर सकते, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों का सामर्थ्य बढ़ाने और ओओएटी केंद्रों के विस्तार के आदेश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि इन केंद्रों को मजबूत बनाने के लिए प्राइवेट क्लीनिकों को भी साथ शामिल कर किया जाए।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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