चंडीगढ़, [शंकर सिंह]। कोरोना वायरस की वजह से एक वर्ग बेहद परेशान है। ये वर्ग है बुर्जगों का। मानसिक रूप से इन्हें इस समय ज्यादा मदद की जरूरत होती है। लेकिन शहर में ऐसे कई बुजुर्ग हैं, जिनके बच्चे या तो विदेश में है या किसी अन्य राज्य में। ऐसे में वह अकेले ही इस महामारी से लड़ रहे हैं। इन्हीं का साथ देने के लिए उतरी शहर की ग्रे शेड्स संस्था। जिसमें सभी युवा हैं और बुजुर्गों की इस समय हरसंभव मदद कर रहे हैं। संस्था के संस्थापक वाइना डिसूजा और इंदरप्रीत सिंह हैं।

लॉकडाउन में राशन पहुंचाने से की शुरुआत 

इंदरप्रीत ने कहा कि उनकी संस्था ने बुजुर्गों की लॉकडाउन में मदद करने की सोची। जिसके तहत उनके घर तक राशन और सब्जी पहुंचाने में मदद करना मुख्य मकसद था। इसके लिए ट्राईसिटी में सेक्टर वाइज बांटा गया और संस्था के 500 सदस्यों को ये सेक्टर दिए गए। जहां से भी कॉल आती, वहां बुजुर्गों के लिए राशन और सब्जी खरीदी जाती।

बुजुर्ग अकेला महसूस करते हैं

इंदरप्रीत ने कहा कि राशन के बाद उन्होंने बुजुर्गों की काउंसलिंग भी शुरू की। क्योंकि संस्था से जुड़े सभी सदस्य एमए साइकॉलोजी पढ़े हैं, ऐसे में वह बुजुर्गों से बात भी करते हैं। इंदरप्रीत ने कहा कि हाल ही में उन्हें एक बुजुर्ग का कॉल आया जो शराब के नशे में था और अकेला होने की वजह से आत्महत्या करने की बात कर रहे थे, इंदरप्रीत ने कहा कि उन्होंने हमें कॉल किया, तो हमने उन्हें समझाया उनकी काउंसलिंग की। इंदरप्रीत ने कहा कि अभी तक हम ट्राईसिटी में 100 से ज्यादा बुजुर्गों तक पहुंचे हैं। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा बुजुर्गों का सहारा बन सकें। हमारी हैल्पलाइन नंबर 9999712430 पर कोई बुजुर्ग किसी भी वक्त कॉल कर सकता है।

Posted By: Vikas_Kumar

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