जेएनएन, चंडीगढ़। Kartarpur Corridor खुलने से एक दिन पूर्व 8 नवंबर को लांच किए गए 2020 Sikh Referendum (2020 सिख रेेफरंडम) एप को Google ने अपने Play store से हटा दिया है। यह मुद्दा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाया था।

9 नवंबर को IGP Crime नागेश्वर राव ने Google के भारत में लीगल सेल के पास यह मुद्दा रखा था, जिसमें Google ने माना कि प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस द्वारा अवैध और देश विरोधी गतिविधियों के लिए Google के प्लेटफार्म का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद Google ने अपने प्ले स्टोर से इस एप को हटा दिया है।

कैप्टन ने दावा किया था कि इस एप के पीछे मंशा स्पष्ट रूप से गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए चल रहे समागमों के दरमियान सिख भाईचारे को दोफाड़ करने का ISI का एजेंडा है। कैप्टन ने 2020 Sikh Referendum एप को भारत विरोधी करार देते हुए इसे Google से तुरंत हटाने की मांग की थी। 

सीएम ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को एप के लांच होने से पैदा हुए खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल करने को भी कहा था। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाए थे कि एक कट्टर अलगाववादी ग्रुप को ऐसे एप की मंजूरी Google द्वारा कैसे और क्यों दी गई? सीएम ने ऐसे एप को पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। Google ने सीएम की इस बात को गंभीरता से लेते हुए अपने प्ले स्टोर से अब इसे हटा दिया हैैै।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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