चंडीगढ़, जेएनएन। शहर के रजिस्टर्ड वेंडर्स के लिए एक अच्छी खबर है। अगर वह केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 10000 रुपए के लोन को लेते हैं तो उन्हें एक साल तक नगर निगम को जमा करवाने वाली लाइसेंस फीस में 500 रुपये की छूट मिलेगी। इस समय शहर में हजारों वेंडर है जो कि हर माह 1 से दो हजार रुपये की लाइसेंस फीस नगर निगम को जमा करवाते हैं।

ऐसे में अगर वह लोन लेते हैं तो उन्हें हर माह पांच सौ रुपये की छूट मिलेगी। ऐसे में दस हजार का लोन लेने पर उन्हें चार हजार का भुगतान ही वापस करना होगा। मालूम हो कि लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार ने वेंडर्स को राहत देने के लिए लोन स्कीम शुरू की थी। लेकिन नगर निगम के वेंडर इस लोन स्कीम के प्रति अपनी रुचि नहीं दिखा रहे थे जिस कारण शुक्रवार को नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी ने उक्त फैसला लिया है।

इसके साथ ही कमेटी ने यह भी फैसला लिया है कि जिन वेंडर्स का सर्वे हो चुका है लेकिन इनके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड नहीं है। अब वह भी नगर निगम से लाइसेंस ले पाएंगे जबकि इससे पहले नगर निगम ने यह शर्त रखी हुई थी जिसके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड है, उसे ही वेंडर लाइसेंस जारी किया जाएगा। मालूम हो कि चार साल पहले 21000 वंडर्स का सर्वे हुआ था लेकिन आधार कार्ड न होने के कारण हजारों वेंडर का नाम सूची से कट गया था। ऐसे में यह वेंडर लंबे समय से लाइसेंस देने की मांग कर रहे थे। शहर में ऐसे कई वेंडर्स है जो काम तो चंडीगढ़ में करते हैं लेकिन वह पंचकूला या मोहाली में रहते हैं और उनके पास वहीं का आधार कार्ड है।

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