चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों काे आज बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। राज्‍य में छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को एक जुलाई से लागू करने के प्रस्‍ताव को आज कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दिए जाने की पूरी संभावना‍ है। मई के पहले हफ्ते में छठे वेतन आयोग के चेयरमैन जय सिंह गिल की ओर से दी गई रिपोर्ट आज कैबिनेट में पेश की जाएगी।

रिपोर्ट को लेकर वीरवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रियों के साथ बैठक की और उन्हें वेतन आयोग की सिफारिशों के बारे में बताया गया। कोरोना को देखते हुए कैबिनेट मंत्रियों की बैठक को दो हिस्सों में बांट दिया गया था।

नौ किश्तों में दिया जाएगा बकाया, खर्च होगा 35 हजार करोड़

वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि बकाया अगर एक साथ दिया जाता है तो सरकार पर एक साथ बोझ पड़ेगा। इसलिए यह नौ किश्तों और एक साल में दो बार अदा किया जाएगा। इस रिपोर्ट को लागू करने से वेतन व पेंशन से सालाना 7000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। आयोग ने 17 फीसद वेतन बढ़ाने की सिफारिश की है और इसे 2016 से लागू किया गया तो खजाने पर 35 हजार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।

बता दें कि सरकार कर्मचारियों को पांच फीसद अंतरिम राहत पहले से ही दे रही है, इसलिए दस हजार करोड़ का बोझ कम हो सकता है लेकिन शेष 25 हजार करोड़ रुपए कैसे अदा किए जाएं इसका फैसला आज की कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा।

अंतर्कलह के बाद पहली बार एक एकत्र हुए मंत्री, सुरेश कुमार रहे बैठक से दूर

कांग्रेस के अंतर्कलह के बाद यह पहला मौका था जब सारी कैबिनेट एक साथ एक छत के नीचे आई हो। जैसा की आशंका थी कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच चल रही खींचतान का असर इस बैठक पर पड़ सकता है, वैसा ही हुआ। माझा के दो मंत्रियों ने कहा कि अगर बैठक में मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार हिस्सा लेंगे तो वह बैठक का बायकाट करेंगे। इस कारण मुख्यमंत्री ने सुरेश कुमार को बैठक से दूर ही रखा।

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Edited By: Sunil Kumar Jha