पंजाब के सरकारी अस्पताल में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट, GMS पटियाला ने रचा इतिहास
पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में जीएमसी पटियाला ने पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर इतिहास रचा है। यह सुविधा ...और पढ़ें

पंजाब के सरकारी अस्पताल में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट (फाइल फोटो)
HighLights
जीएमसी पटियाला में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मरीज का मुफ्त इलाज हुआ
पीजीआई चंडीगढ़ ने ट्रांसप्लांट कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग दिया
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई। राजकीय मेडिकल कालेज (जीएमसी), पटियाला में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया है।
इसके साथ ही जीएमसी पटियाला प्रदेश का पहला सरकारी मेडिकल कालेज बन गया है, जहां किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई है। इससे पहले पंजाब में सरकारी स्तर पर पंजाब इंस्टीट्यूट आफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआइएलबीएस), मोहाली में सफल लिवर ट्रांसप्लांट हो चुके हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट की सर्जरी 10 सितंबर को की गई थी।
मरीज और किडनी दान करने वाली उसकी पत्नी दोनों की हालत स्थिर है और वे ट्रांसप्लांट आइसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में स्वस्थ हो रहे हैं।
खास बात यह है कि यह पूरा उपचार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त किया गया। परिवार को इलाज के लिए अपनी जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ा। डा बलबीर सिंह ने बताया कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों में किडनी ट्रांसप्लांट पर करीब आठ से 12 लाख रुपये तक खर्च आता है।
37 वर्षीय मरीज को दिसंबर से डायलिसिस
संगरूर जिले के नामोल के रोमाना पट्टी निवासी 37 वर्षीय मरीज किडनी फेलियर से पीड़ित था। उसे मेम्ब्रेनोप्रोलिफेरेटिव ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (एमपीजीएन) की बीमारी थी और दिसंबर 2025 से सप्ताह में तीन बार नियमित हीमोडायलिसिस करवाना पड़ रहा था। जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद उसकी 29 वर्षीय पत्नी ने स्वेच्छा से किडनी दान करने का फैसला किया।
डॉ. बलबीर सिंह ने वीडियो काल के माध्यम से मरीज और उसकी पत्नी से बातचीत कर दोनों का हाल जाना। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ट्रांसप्लांट टीम को बधाई दी।
ट्रांसप्लांट टीम का नेतृत्व प्रो सरबप्रीत सिंह ने किया। टीम में प्रो एचबीएस संधू और डा सुप्रान शर्मा शामिल रहे। नेफ्रोलाजी टीम का नेतृत्व डा ठाकुरवीर कोहली, एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डा तनवीर कुंद्रा ने किया। डायरेक्टर प्रिंसिपल एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा आरपीएस सिबिया भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।
PGI चंडीगढ़ का रहा अहम सहयोग
जीएमसी पटियाला में किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम स्थापित करने में पीजीआइएमईआर चंडीगढ़ ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआइएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल, रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी एवं रोटो-नार्थ के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा तथा इम्यूनोपैथोलाजी विभाग का आभार जताया। पीजीआइ की टीम ने प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और मौके पर सर्जरी की निगरानी में सहयोग किया।
