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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कला जगत में बड़ा नाम रहे थिएटर एज एनजीओ के संस्थापक और कलाकार जुल्फिकार खान ने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर वीरवार को जुल्फिकार की उस याचिका जिसमें उसने अपनी सजा को चुनौती दी हुई है, के साथ सुनवाई करने का निर्णय लिया है। जुल्फिकार को 23 दिसंबर 2016 को चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सात वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ जुल्फिकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई राहत न देते हुए सजा पर रोक न लगाते हुए अपील एडमिट कर दी थी। जुल्फिकार को जिला अदालत ने तीन मामलों में सात-सातसाल की सजा सुनाई थी और यह सजा एक साथ जारी रखने को कहा था। जुल्फिकार को जिला अदालत ने दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका था। अदालत ने उसे कुकर्म और युवाओं को आपत्तिजनक चीजें दिखाए जाने करने की धाराओं के तहत दोषी करार दिया था।

जुल्फिकार की गिरफ्तारी 11 जुलाई 2015 को ठीक उसके जन्मदिन के मौके पर की गई थी, तब के बाद से वह सलाखों के पीछे है। पुलिस की मानें तो जुल्फिकार बच्चों को कोल्ड ड्रिंक के अंदर शराब भी मिलाकर दिया करता था। बच्चों को वह नाइट टाइम में पढ़ाने के बहाने बुलाया करता था, कुछ बच्चे तो यौन उत्पीड़न के आदी भी हो गए थे। वहीं, शिकायतकर्ता को 2013 में इसके बारे में पता चला था लेकिन उसके पास सुबूत नहीं थे जिसे बाद में चोरी के इल्जाम में उसे एनजीओ से निकाल दिया गया था। पुलिस जाच में सामने आया था कि दोषी ग्रुप सेक्स भी किया करता था। जाच के दौरान मोबाइल से बरामद अश्लील चित्र भी केस को साबित करने में अहम रहा। कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित जुल्फिकार खान को थाना सेक्टर-11 पुलिस ने मामले में शिकायत मिलने के बाद 11 जुलाई 2015 को गिरफ्तार किया था। यह शिकायत उसके कभी स्टूडेंट रहे कंवरपाल ने की थी। आरोप के मुताबिक जुल्फिकार खान बच्चों को पैसे, नया मोबाइल और लैपटॉप का लालच देकर उनको घर बुलाता था और उनके साथ यौन शोषण करता था।

 

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