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'राजीव गांधी को माला, फिर इंदिरा गांधी-बेअंत सिंह से परहेज क्यों?' परगट सिंह के कार्यक्रम पर भड़के रवनीत बिट्टू

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:52 PM (IST)

पीपीसीसी अध्यक्ष परगट सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिमाओं पर राजनीति गरमा गई है। रवनीत बिट्टू ने राजीव गांधी ...और पढ़ें

परगट सिंह के शपथ ग्रहण में प्रतिमा विवाद, बिट्टू ने इंदिरा गांधी-बेअंत सिंह की अनदेखी पर कांग्रेस को घेरा।

परगट सिंह के शपथ ग्रहण में प्रतिमा विवाद, बिट्टू ने इंदिरा गांधी-बेअंत सिंह की अनदेखी पर कांग्रेस को घेरा।

HighLights

  1. परगट सिंह के शपथ ग्रहण में प्रतिमाओं पर विवाद

  2. बिट्टू ने इंदिरा-बेअंत सिंह की अनदेखी पर सवाल उठाए

  3. कांग्रेस की राजनीतिक विरासत पर नई बहस छिड़ी

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस भवन में लगी प्रतिमाओं को लेकर राजनीति गरमा गई है।

पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने वीडियो जारी कर सवाल उठाया कि परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर तो फूलमाला चढ़ाई, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह की प्रतिमाओं को नजरअंदाज क्यों किया? बिट्टू ने पूछा कि क्या इसके पीछे कोई परगट की रणनीति है या फिर इसकी कोई दूसरी वजह है?

ध्यान रहे की रवनीत बिट्टू पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। वह पहले कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया और इसके बाद उन्हें केंद्रीय रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई। अब उन्होंने कांग्रेस भवन में प्रतिमाओं के सामने श्रद्धांजलि देने के तरीके पर सवाल उठाकर अपनी पूर्व पार्टी के नेतृत्व को निशाने पर लिया है।

कांग्रेस को एतराज है तो लाइब्रेरी में शिफ्ट कर दें प्रतिमा

बिट्टू ने अपने बयान में कहा कि यदि कांग्रेस को बेअंत सिंह की प्रतिमा से कोई एतराज है तो उसे कांग्रेस भवन से हटाकर सेक्टर-43 स्थित बेअंत सिंह मेमोरियल लाइब्रेरी में शिफ्ट कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सुझाव है। बेअंत सिंह की हत्या के बाद उनकी स्मृति में चंडीगढ़ में मेमोरियल लाइब्रेरी बनाई गई थी।

बिट्टू ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस भवन में राजीव गांधी की प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ाई जा सकती है तो इंदिरा गांधी और बेअंत सिंह की प्रतिमाओं के सामने ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इस घटनाक्रम के पीछे की सोच को लेकर भी सवाल खड़े किए।

राहुल और प्रियंका गांधी से भी पूछे सवाल

रवनीत बिट्टू ने गांधी परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी इस मामले को देखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इंदिरा गांधी को सम्मान क्यों नहीं दिया गया। बिट्टू ने कहा कि यह गांधी परिवार को तय करना चाहिए कि उनकी दादी के सम्मान से जुड़े इस घटनाक्रम को किस तरह देखा जाए।

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी। इस घटना और उसके बाद हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर लंबे समय से राजनीतिक सवाल उठते रहे हैं।

हालांकि, परगट सिंह ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर फूलमाला क्यों नहीं चढ़ाई, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। परगट सिंह के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रतिमाओं को लेकर उठे सवालों ने कांग्रेस की राजनीतिक विरासत और पार्टी के पूर्व नेताओं के सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।