चंडीगढ़, जेएनएन। दिनदहाड़े स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने के मामले में जिला अदालत ने सुबूतों के अभाव में आरोपित गैंगस्टर योद्धा सिंह जोधा और उसके सहयोगी अमरीक सिंह को बरी कर दिया है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि पुलिस ने दोनों को झूठे मामले में फंसाया था। पुलिस ने न तो कोई रिकवरी दिखाई और वारदात की जो कहानी बनाई थी, उसे अदालत में साबित ही नहीं कर पाई। मामले के मुताबिक 21 फरवरी 2018 को सेक्टर-41 निवासी दीपक कुमार ने उक्त दोनों युवकों के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में मामला दर्ज करवाया था।

शिकायत में बताया था कि वह मेडिकल इक्विपमेंट का काम करता है। वारदात वाली रात करीब एक बजे अपने घर से एक्टिवा पर सवार होकर सेक्टर-17 बस स्टैंड की तरफ जा रहा था। उसने बस पकड़कर कहीं बाहर जाना था। इस दौरान जब वह सेक्टर-35/36 के छोटे चौक के पास पहुंचा तो थोड़ी आगे किसान भवन चौक के पास एक सफेद रंग की पंजाब नंबर की कार उसके पीछे आ रही थी। कार में सवार लोगों ने उसे रुकने का इशारा किया। उसने आगे जाकर अपनी एक्टिवा रोक ली। गाड़ी में बैठे दोनों युवक उसे गाड़ी में बैठने के लिए कहने लगे। वह डर गया और चिल्लाते हुए पीछे की तरफ भाग गया। कार सवार दोनों युवकों ने एक्टिवा के आगे पड़ा उसका बैग उठा लिया और मौके से फरार हो गए। दीपक के अनुसार उसके बैग में कपड़े और जरूरी दस्तावेज थे।  

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Posted By: Vikas Kumar

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