विदेश में बैठे गैंगस्टर राज जवंदा के इशारे पर मांगी थी 10 करोड़ रंगदारी, चंडीगढ़ पुलिस ने दबोचे दो गुर्गे
चंडीगढ़ पुलिस ने एक बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में अर्नदीप सिंह और बंटी अटवाल को ...और पढ़ें

सेक्टर-18 स्थित हाॅकी स्टेडियम के पास से दबोचे आरोपित।
HighLights
चंडीगढ़ में बिल्डर से 10 करोड़ रंगदारी मांगी गई थी।
विदेश में बैठे गैंगस्टर राज जवंदा के इशारे पर हुई थी मांग।
पकड़े गए आरोपित पंजाब के तरनतारन के रहने वाले।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर के बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में 30 वर्षीय अर्नदीप सिंह और 20 वर्षीय बंटी अटवाल उर्फ सन्नी शामिल हैं। दोनों आरोपित तरनतारन, पंजाब के रहने वाले हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपितों को सेक्टर-18 स्थित हाॅकी स्टेडियम के पास से पकड़ा था। पुलिस ने बंटी की निशानदेही पर एक देसी पिस्टल, दो कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा धमकी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम कार्ड को भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने बिल्डर को धमकी भरे फोन किए और बाद में रिकार्डेड वायस मैसेज भेजा था। पुलिस जांच में विदेश में बैठे गैंगस्टर राज जोबन के इशारे पर रंगदारी मांगने की बात सामने आई है।
हालांकि, मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका और गैंगस्टर्स से उनके संबंधों की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने 14 अक्टूबर को केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम बनाई थी।
फर्जी दस्तावेजों से निकलवाया सिम
जांच में सामने आया कि अर्नदीप सिंह कथित तौर पर अवैध तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने में शामिल था। आरोप है कि वह सिम लेने वाले लोगों के आधार कार्ड, व्यक्तिगत जानकारी और फोटो हासिल कर सिम कार्ड जारी करवाता था।
बाद में इन सिम कार्ड का इस्तेमाल धमकी देने के लिए किया जाता था। पुलिस का दावा है कि दूसरा आरोपित बंटी गैंग्सटरों के संपर्क में था और स्नैपचैट सहित अन्य डिजिटल एप के जरिए बातचीत करता था।
खेत से सिम और तालाब से मोबाइल मिला
पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान बंटी की निशानदेही पर 21 अक्टूबर को तरनतारन से धमकी में इस्तेमाल सिम कार्ड बरामद किया गया। इसके बाद 22 अक्टूबर को मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने मोबाइल और सिम को बरामद करने के लिए खूब मशक्कत की। पुलिस की टीम तरनतारन पहुंची और खेत और तालाब को छान मारा और मोबाइल व सिम बरामद कर लिया।
पुलिस अब मोबाइल की फारेंसिक जांच करवाकर यह पता लगाएगी कि उससे किन लोगों से संपर्क किया गया था और धमकी से जुड़े संदेश किन-किन नंबरों पर भेजे गए।
दोनों पर पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकार्ड के अनुसार, अर्नदीप सिंह के खिलाफ तरनतारन जिले के सिरहाली थाने में वर्ष 2021 में मारपीट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ अगस्त 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।
वहीं, बंटी के खिलाफ अगस्त 2025 में एनडीपीएस एक्ट और अगस्त 2026 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
