चंडीगढ़ [जय सिंह छिब्बर]। पंजाब सरकार ने जेलों में मोबाइल के इस्तेमाल करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जेलों में मोबाइल, सिम कार्ड व गैरकानूनी समान की बरामदगी ने पंजाब सरकार की नींद हराम कर रखी है। जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जेल के अंदर से कैदियों के लाइव होने व सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो वायरल होने की पूरी जिम्मेदारी जेल सुपरिंटेंडेंट पर डाल दी है। उन्होंने स्पष्ट हिदायत जारी कर दी है कि यदि जेल में से मोबाइल बरामद होता है तो जेल सुपरिंटेंडेंट को चार्जशीट किया जाएगा।

जेल मंत्री ने आदेश जारी किया है कि जेल के अंदर कोई भी व्यक्ति, अफसर यहां तक जेल का निरीक्षण करने वाले जज भी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। जेल मंत्री खुद भी जेल के दौरे के दौरान अपना मोबाइल फोन नहीं ले जाएंगे। मंत्री जेल से मोबाइल की बरामदगी व सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो व फोटो से काफी परेशान हैं। इसीलिए उन्होंने कड़े आदेश जारी किए हैं। अब किसी को भी जेल में मोबाइल ले जाने में मनाही होगी। इसके अलावा जेल मंत्री रंधावा ने प्रदेश की जेलों में खराब चल रहे लैंड लाइन फोन ठीक करवाने व नए फोन लगावाने के आदेश भी दिए हैं।

जेल सुपरिंटेंडेंट का फोन लगेगा सर्विलांस पर

जेल मंत्री ने आदेश जारी किया है कि जेल में सिर्फ जेल सुपरिंटेंडेंट को मोबाइल फोन रखने की इजाजत होगी। उनको भी अपना मोबाइल नंबर डीजीपी (जेल) व सरकार को बताना होगा। उनका मोबाइल नंबर सरकार सर्विलांस पर भी लगा सकेगी।

सीएम व जेल मंत्री को मिल चुकी है जेल से धमकी

पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद एक कैदी ने जेल से तीन मिनट का एक लाइव विडियो अपलोड कर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी। वीडियो में गोबिंद सिंह नाम के कैदी ने कहा था कि अकाल पुरख ने उसे यह काम करने को कहा है। तुम्हारे उल्टे दिनों की गिनती शुरू हो गई है। इसके अलावा जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को भी जेल से खालिस्तान समर्थकों ने मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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