विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मोहाली के गांव रामपुर बहाल लोमड़ी का हमला, कई लोगों को किया घायल; ग्रामीणों ने घेरकर मार डाला

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:03 PM (IST)

डेराबस्सी के रामपुर बहाल गांव में शुक्रवार शाम एक लोमड़ी ने छह ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ...और पढ़ें

डेराबस्सी के रामपुर बहाल गांव में लोमड़ी ने किया ग्रामीणों पर हमला। (एआई जनरेटेड फोटो)

डेराबस्सी के रामपुर बहाल गांव में लोमड़ी ने किया ग्रामीणों पर हमला। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. गलियों और घरों के बाहर मौजूद लोगों पर किया हमला।

  2. घायलों को अस्पताल पहुंचाया, एंटी-रेबीज टीके लगाए गए।

  3. आसपास के जंगलों और जंगली क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग।

संवाद सहयोगी, डेराबस्सी (मोहाली)। डेराबस्सी के नजदीकी गांव रामपुर बहाल में शुक्रवार शाम एक लोमड़ी ने ग्रामीणों पर हमला किया। करीब 5 बजे लोमड़ी ने गांव की गलियों और घरों के बाहर मौजूद लोगों को अपना निशाना बनाया। महिलाओं समेत छह लोग घायल हुए।

गांव में दहशत फैल गई। एडवोकेट अशोक राणा और लछमन सिंह ने बताया कि अचानक हुए इस हमले के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोमड़ी के हमले की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गांववासी मौके पर एकत्रित हो गए।

लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए लोमड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और उसे मौके पर ही मार दिया। लोमड़ी के मारे जाने के बाद ही गांववासियों ने राहत की सांस ली।

घायलों को पहुंचाया अस्पताल

लोमड़ी के हमले में घायल अनिल शर्मा, रामकली, सुनीता और कुसुम देवी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल डेराबस्सी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी। जंगली जानवर के काटने के कारण घायलों को विशेष निगरानी में रखा गया है और उन्हें एंटी-रेबीज के टीके लगाए गए। इनमें से तीन घायलों को सिविल अस्पताल फेज-6, मोहाली रेफर कर दिया गया है।

10 दिन पहले गांव के बाहर देखी गई थी लोमड़ी

इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी भय का माहौल बना हुआ है। गांववासियों के अनुसार करीब 10 दिन पहले भी इस लोमड़ी को गांव के बाहर देखा गया था। उस समय लोमड़ी कुछ देर दिखाई देने के बाद वापस जंगल की ओर चली गई थी। शुक्रवार शाम लोमड़ी ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। 

गांववासियों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि आसपास के जंगलों और जंगली क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में जंगली जानवरों के गांवों में प्रवेश करने और लोगों पर हमला करने की ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।