जेएनएन, चंडीगढ़। त्योहारों के सीजन से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के चार आतंकियों को तरनतारन के चोहला साहिब गांव से गिरफ्तार कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने पाकिस्तान व जर्मनी स्थित आतंकी संगठन समर्थित मॉड्यूल का भंडाफोड़ भी किया है।

आतंकियों से पांच एके-47 राइफल समेत भारी मात्रा में असलहा व दस लाख रुपये की जाली भारतीय करंसी पकड़ी गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में भेजे गए थे। केजेएफ ने पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में आतंकी हमलों की योजना बनाई थी।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमङ्क्षरदर सिंह ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का फैसला किया है। आतंकी सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार (पीबी 65 एक्स 8042) का इस्तेमाल कर रहे थे, जो मोहाली के जगतार सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। हालांकि, मोहाली के एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल ने कहा है कि अभी तक की जांच में नंबर फर्जी पाया गया है। इसकी जांच जारी रहेगी। वहीं, काउंटर इंटेलीजेंस के एआइजी केतन बालीराम पाटिल ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों को सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। उनसे पाक व जर्मनी स्थित आतंकी संगठन के बारे में पूछताछ की जाएगी।

तरनतारन ब्लास्ट में पकड़े आरोपितों की निशानदेही से मिली कामयाबी

गौरतलब है कि चार सितंबर को तरनतारन के गांव पंडोरी गोला में हुए बम ब्लास्ट के मामले में पुलिस ने पाक समर्थित मॉड्यूल के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर ही इन चार आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारतीय वायु सेना व बीएसएफ को निर्देश दें, जिससे पंजाब जैसे सरहदी राज्यों में ड्रोन हमलों की संभावना को रोका जा सके।

ISI ने भेजे हथियार: डीजीपी

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि हथियार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने भेजे हैं। जेहादी व खालिस्तानी समर्थक आतंकी ग्रुपों ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए इन्हें यहां पहुंचाया। इस गिरोह को पाकिस्तान स्थित KZF का प्रमुख रणजीत सिंह उर्फ नीटा व उसका जर्मनी स्थित सहयोगी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा चला रहे हैं। उन्होंने ही स्लीपर सेल की मदद से स्थानीय सदस्यों को ढूंढने, कट्टर बनाने व भर्ती करने का काम किया। इस काम के लिए सरहद पार से फंड व आधुनिक हथियारों का इंतजाम किया जाता था।

इन्हें किया गिरफ्तार

-बलवंत सिंह बाबा उर्फ निहंग

-आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा

-हरभजन सिंह

-बलबीर सिंह

अमृतसर जेल में बंद मान ने भर्ती किए थे बलवंत व आकाशदीप, पहले भी कई केस दर्ज

गिरफ्तार आकाशदीप और बाबा बलवंत सिंह के खिलाफ पहले भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। आम्र्स एक्ट व यूएपीए के केस में अमृतसर जेल में बंद मान सिंह ने गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा के कहने पर आकाशदीप सिंह को भर्ती किया था। यह दोनों अमृतसर जेल में बंद थे। खेप हासिल करने वाला बाबा बलवंत सिंह बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी ग्रुप का मेंबर है। उसे पहले भी यूएपीए व आम्र्स एक्ट के तहत थाना मुकंदपुर (शहीद भगत सिंह नगर) की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब वह जमानत पर था। उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है।

ये असलहा बरामद

-5 एके-47 (16 मैगजीन व 472 गोलियां)

-4 चीन की बनी .30 बोर पिस्टल (8 मैगजीन व 72 गोलियां)

-9 हैंड ग्रेनेड 

-5 सेटेलाइट फोन 

-2 मोबाइल फोन

-2 वायरलेस सेट 

-10 लाख रुपये की नकली भारतीय करंसी

-मारुति स्विफ्ट कार।

इन घटनाओं में भी पाक-खालिस्तानी कनेक्शन

-2 सितंबर को जम्मू बॉर्डर पर पंजाब से कश्मीर जा रहे जैश-ए-मोहम्मद के तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए गए थे। उनके पास से 4 एके-56 और 2 एके-47, 6 मैगजीन और 180 राउंड और 11,000 रुपये नकद जब्त किए गए थे। यह ट्रक पंजाब से होकर ही लखनपुर पहुंचा था।

-4 सितंबर को तरनतारन में छिपाए हुए बम निकालते समय हुए ब्लास्ट में दो युवकों की मौत हो गई थी। इनका इस्तेमाल पंजाब में पंजाब में धार्मिक नेताओं व राजनेताओं की हत्या के लिए किया जाना था। इसके तार पाकिस्तान व खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स से जुड़े हैं।

-19 नवंबर, 2018: अमृतसर के राजासांसी में निरंकारी भवन में बम ब्लास्ट, की की मौत। पाकिस्तानी ग्रेनेड का इस्तेमाल।

-15 सितंबर, 2018: जालंधर के मकसूदां थाने में चार धमाके। एसएचओ समेत दो जख्मी। तीन कश्मीरी आतंकी गिरफ्तार।

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Posted By: Arun Kumar Singh

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