चंडीगढ़, जागरण संवाददाता: चीन से संचालित साइबर अपराधी गिरोह के चार और सदस्यों को पुलिस ने दिल्ली एनसीआर, राजस्थान और जोधपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान साहिबाबाद स्थित श्याम पार्क निवासी 46 वर्षीय सुनील कुमार, ईस्ट दिल्ली के वेस्ट क्रांती नगर निवासी 30 वर्षीय अभिषेक कुमार, जोधपुर नंदारी स्थित रामदेव करियाना स्टोर निवासी 30 वर्षीय शशिकांत यादव और 35 वर्षीय अशोक कुमार के तौर पर हुई हैं।

आरोपित सुनील कुमार वकील है तो अभिषेक कुमार एलएलबी का छात्र है। आरोपितों को जिला अदालत में पेश कर साइबर सेल ने 26 सितंबर तक रिमांड हासिल किया है। अब तक चीनी व भारतीय सरगना समेत 25 काबू वर्क वीजा पर भारत आने वाले चीनी नागरिक वान चेंगुआ ने चाइनीज एप के जरिये तुरंत लोन देने के नाम पर ठगी का जाल देश के 10 राज्यों में फैलाया हुआ था।

भारत में परवेज आलम उर्फ जीतू भड़ाना को नौकरी देकर 10 राज्यों में 60 सदस्यों की टीम बना रखी थी। भारत में इस गिरोह का सारा काम परवेज आलम देखता था। अभी तक कुल 25 सदस्यों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस 35 आरोपितों की तलाश में लगी है।

चीन पहुंचा हवाले का 120 करोड़, अब ईडी करेगी जांच गैंग के सरगना वान चेंगुआ ने दिल्ली, एनसीआर, बिहार, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में अलग-अलग कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाया था। ये कंपनियां सिर्फ कागजों में ही हैं, जबकि इनका कोई दफ्तर या फर्म नहीं है। इन्हीं कंपनी में शातिर सदस्यों को नौकरी पर रखता और उन्हें घर से काम करने की छूट देता था।

अपनी विभिन्न फर्जी कंपनियों में चीन से सामान खरीदने के बाद पेमेंट करने के बहाने हवाला के जरिये पैसा वहां भेजता था। इसमें पैसा देने वाले एजेंट का भी मुनाफा 20 फीसद निर्धारित था। इस मामले की जांच के लिए पूरी रिपोर्ट बनाकर साइबर पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा है।

इस तरह करते ठगी व वसूली गिरोह के सदस्य चीनी सर्वर से संचालित मोबाइल एप्लिकेशन ह्यूगो लोन, कैश-फ्री, फ्लाई कैश, कैश क्वाइन पर तत्काल लोन का आवेदन करने वालों को फंसाकर अश्लील वीडियो बना लेते थे। बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूलते थे। सेक्टर-21 निवासी एक व्यक्ति के साथ वारदात की शिकायत पर साइबर पुलिस ने सरगना समेत 21 आरोपितों को एक साथ पांच राज्यों से गिरफ्तार किया था।