डॉ. रविंद्र मलिक , चंडीगढ़

पंजाब यूनिवर्सिटी ने इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए 140 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया है। पीयू में हॉस्टल की कमी, दिव्यांगों और माइनोरिटी सेक्शन के लिए प्रोजेक्ट्स की जरूरत काफी समय से महसूस हो रही थी। जानकारी के अनुसार वीसी ने पिछले सप्ताह पीएमओ व यूजीसी अधिकारियों से मिलकर इन मांगो को उनके समक्ष रखा है, जिन पर वहां से अनौपचारिक रूप से हां कर दी गई गई है। उन्हें प्रपोजल सबमिट करने को कहा गया है। इससे पहले उन्होंने पीयू के सभी विभागों व सैल से जरूरतों व कमियों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। तैयार किए गए प्रपोजल पीएमओ व यूजीसी के अलावा संबंधित विभागों को भी भिजवाए जा रहे हैं।

पांच ग‌र्ल्स व ब्वॉयज हॉस्टलों का 85 करोड़ का प्रपोजल

करीब 140 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में से हॉस्टलों के लिए संभावित बजट करीब 85 करोड़ रखा है। हॉस्टलों को लेकर हर बार मारामारी का माहौल रहता है। कुल पांच हॉस्टलों के लिए अनुमानित 85 करोड़ का बजट रखा गया है। इनमें 54 करोड़ की लागत से तीन ब्वॉयज हॉस्टल बनने हैं। एक एससी व एसटी, दूसरा माइनोरिटी व तीसरा हॉस्टल स्पो‌र्ट्स स्टूडेंट्स के लिए बनेगा। लड़कियों के लिए 31 करोड़ की लागत से दो हॉस्टल का प्रस्ताव है। एक का बजट 25 करोड़ तो दूसरा का 6 करोड़ बताया गया है।

दिव्यांगों के लिए करीब 20 करोड़ का प्रपोजल

पीयू की दिव्यांग सैल ने भी अपना ड्राफ्ट तैयार किया है, इसका प्रस्तावित बजट करीब 20 करोड़ है। इसकी रिपोर्ट पीयू के माइनोरिटी सैल की सौंप दी गई है और वो आगे वीसी को भेज दी गई है। इसमें दिव्यांग के लिए रैंप और लिफ्ट लगनी हैं। इसके अलावा लाइब्रेरी और कंप्यूटिंग सिस्टम का भी प्रपोजल है। विजुअली इंपेयरड के लिए लैपटॉप की जरुरत भी बताई गई है।

माइनोरिटी सैल ने दिया सवा सौ करोड़ का एस्टीमेट

जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट्स के अनुमानित बजट व इस बारे में पूरा ब्यौरा देने के लिए माइनोरिटी सैल को 10 सितंबर तक कहा गया था। इसके लिए डॉ. अनिल को सैल का नोडल ऑफिसर बनाया गया। माइनोरिटी सैल सहित सभी प्रोजेक्ट्स के लिए करीब सवा सौ अनुमानित बजट बनाया है। सैल ने प्रोजेक्ट्स को कई हिस्सों में बांटा है। हॉस्टल निर्माण और पोस्ट मीट्रिक स्कॉलरशिप का भी इसमें जिक्र है।

रेनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और हेरिटेज को लेकर भी मांगा पैसा

पीयू में रेनोवेशन का काम भी काफी बचा है। हॉस्टलों व रिहायशी एरिया में रेनोवेशन की जरूरत है। इसके अलावा कई पुरानी इमारतें हैं जिनके रखरखाव की जरुरत है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट को लेकर विशेष रुप से जिक्र किया गया है।

कोट्स

वीसी पीएमओ और यूजीसी के अधिकारियों से मिले थे, वहां करीब 140 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का प्रपोजल रखा है। वहां से इसको लेकर अनौपचारिक रूप से हां मिली है। वहां के अधिकारियों का रवैया बेहद सकारात्मक रहा है।

प्रो शंकरजी झा, डीयूआइ

Posted By: Jagran