जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में इस बार दीपावली पर पटाखे नहीं फूटेंगे। प्रशासन ने शहर में पटाखे जलाने पर पूर्णरूप से पाबंद लगाने का फैसला लिया है। प्रशासन ने चंडीगढ़ में पटाखों की बिक्री और इनके जलाने पर पाबंदी लगा दी है। अगले आदेश तक यह पाबंदी जारी रहेगी। एडवाइजर धर्म पाल की अध्यक्षता में आज हुई बैठक मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है। वहीं, पंजाब और हरियाणा में दिवाली पर पटाखे जलाने की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में चंडीगढ़ के साथ लगते शहर मोहाली और पंचकूला में भी दिवाली पर जमकर आतिशबाजी होगी। एडवाइजर धर्म पाल ने मंगलवार को डीसी मनदीप सिंह बराड़ और दूसरे अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। दोपहर एक बजे हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।

पटाखे विक्रेताओं से जुड़े कई संगठन इसकी मंजूरी प्रशासन से मांग रहे हैं। बता दें कि पिछले साल भी प्रशासन ने ड्रा के जरिये लाइसेंस तो पटाखे विक्रेता को जारी किए, लेकिन बाद में कोरोना की स्थिति और पॉल्यूशन को देखते हुए पटाखे जलाने की मंजूरी नहीं दी थी। हालांकि पंचकूला मोहाली में रोक नहीं होने से पटाखे बड़ी संख्या में जले थे। इन दोनों शहरों से बड़ी मात्रा में पटाखे चंडीगढ़ पहुंचे। इस बार पहले से ही प्रशासन इन सभी पहलुओं पर गौर करते हुए निर्णय लेने की सोच रहा है।

बजट खर्च को अपने स्तर पर चेक करें एचओडी

एडवाइजर धर्म पाल ने सोमवार को सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों की हाई प्रोफाइल मीटिंग बुलाई। इसमें उन्होंने कई डिपार्टमेंट से जुड़े मामलों पर अपडेट ली। बजट खर्च पर जानकारी लेने के बाद उन्होंने सभी एचओडी से अपने स्तर पर चैक रखने के आदेश दिए। साथ ही निर्धारित लक्ष्य के तहत बजट खर्च करने के आदेश दिए। इसके अलावा एडवाइजर ने अधिकारियों को स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप जल्द जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बेवजह स्कॉलरशिप नहीं अटकनी चाहिए।

Edited By: Ankesh Thakur