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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में गहराया वित्तीय संकट, 574.55 करोड़ रुपये की मांग को लेकर कर्मचारियों का मोहाली में रोष प्रदर्शन

Published: Wed, 12 Aug 2026 02:41 PM (IST)

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारी 574.55 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी करने की मांग को लेकर मोहाली में ...और पढ़ें

पीएसईबी की 574.55 करोड़ की बकाया राशि जारी करने की मांग (फोटो: जागरण)

पीएसईबी की 574.55 करोड़ की बकाया राशि जारी करने की मांग (फोटो: जागरण)

जागरण संवाददाता, मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी एसोसिएशन ने बोर्ड की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर बुधवार को लगातार दूसरे दिन शिक्षा विभाग (डीपीआइ) के गेट पर रोष रैली की। कर्मचारियों ने वित्त विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला। उन्होंने सरकार से बोर्ड की लंबे समय से लंबित 574.55 करोड़ रुपये की बकाया राशि तत्काल जारी करने की मांग की।

रैली को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के महासचिव परमजीत सिंह बैनीपाल ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड अपनी आय और संसाधनों से संचालित स्वायत्त संस्थान है। इसके बावजूद सरकार के विभिन्न विभागों की ओर बोर्ड की बड़ी राशि लंबे समय से बकाया है। उन्होंने कहा कि भुगतान न होने से बोर्ड को वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि बोर्ड को अपनी संपत्ति से मिलने वाला किराया भी नहीं मिल रहा। डीपीआई की ओर से इस्तेमाल की जा रही बोर्ड की इमारत का करीब 40 करोड़ रुपये किराया लंबित है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बोर्ड को वित्तीय अनुदान नहीं देती और दूसरी तरफ उसकी संपत्ति का उचित किराया भी नहीं दिया जा रहा।

एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरचरण सिंह तरमाला ने कहा कि बोर्ड की वित्तीय स्थिति कमजोर होने का असर कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन आयोग के बकाये समेत कई वित्तीय मामले लंबित हैं।

बोर्ड की इमारतों और आवासीय परिसर के रखरखाव पर भी इसका असर पड़ रहा है। संयुक्त सचिव लखविंदर सिंह घड़ूआं ने कहा कि वित्त विभाग की चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारी नेता मनोज राणा ने भी सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की।

वित्त मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

एसोसिएशन ने वित्त मंत्री से बोर्ड की 574.55 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी करवाने और डीपीआई भवन का किराया पीडब्ल्यूडी के मौजूदा रेट के अनुसार तय करवाने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष तेज किया जाएगा।

रैली में सुखचैन सिंह, मलकीत सिंह गग्गड़, गुरजीत सिंह बीदोवाली, मनजिंदर सिंह हुलका, स्वर्ण तिऊड़, मनजीत सिंह लहरागागा, सुरिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।