पंजाब में पकड़ा गया एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी अमेरिका लौटा, 6 लाख डॉलर धोखाधड़ी का आरोप
एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी, जिसे सितंबर में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था, अब अमेरिका लौट ...और पढ़ें

मनजीत पर छह लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का है आरोप।
HighLights
एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी अमेरिका लौटा
सितंबर में पंजाब में गिरफ्तार हुआ था यह ठग
6 लाख डॉलर की खाद्य सहायता धोखाधड़ी का आरोप
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस की ओर से सितंबर में गिरफ्तार किया गया एफबीआइ की मोस्ट वांटेड ठगों की सूची में शामिल 64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी अमेरिका लौट गया है।
एफबीआइ निदेशक काश पटेल ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। बेदी इस सप्ताह सिएटल पहुंचा और शुक्रवार को अमेरिकी अदालत में उसकी पहली पेशी निर्धारित है।
काश पटेल ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मनजीत सिंह बेदी को सितंबर में भारत में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने उसकी अमेरिका वापसी को एफबीआइ की भगोड़ों को पकड़ने की मुहिम में एक और उपलब्धि बताया।
खाद्य सहायता योजना में धोखाधड़ी का आरोप
वाशिंगटन के केंट का निवासी बेदी पहले टकोमा में एक एशियाई किराना स्टोर चलाता था। अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, उस पर 2024 से 2025 के बीच अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना से कम से कम छह लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
आरोप है कि बेदी ने पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) के लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (ईबीटी) कार्ड का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से खाद्य पदार्थों की खरीदारी की। इसके बाद लाभार्थियों को राशि का आधा हिस्सा नकद लौटाया जाता था और बाकी रकम वह अपने पास रख लेता था।
अमेरिका में अप्रैल में बेदी के खिलाफ वायर धोखाधड़ी के छह आरोपों के तहत अभियोग दायर किया गया था। उसने आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियोग दायर होने के बाद वह कनाडा भाग गया और वहां से भारत पहुंचा था।
मुकदमे से पहले हिरासत में रखने की मांग
अमेरिकी अटार्नी कार्यालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत से बेदी को मुकदमे की सुनवाई तक हिरासत में रखने की मांग करेगा। इसके लिए उसके फरार होने की आशंका का हवाला दिया गया है।
अमेरिकी कृषि विभाग के महानिरीक्षक जॉन वॉक ने आरोप लगाया कि बेदी ने उन अमेरिकियों के साथ धोखाधड़ी की, जिन्हें सहायता की जरूरत थी। उनके अनुसार, उसका किराना स्टोर धनशोधन के लिए इस्तेमाल होने वाले ठिकाने की तरह काम कर रहा था।
सूची में शामिल पांचवां आरोपी गिरफ्तार
एफबीआइ के अनुसार, सितंबर में बेदी की गिरफ्तारी की घोषणा के समय वह मोस्ट वांटेड ठगों की सूची में शामिल गिरफ्तार होने वाला पांचवां व्यक्ति था। काश पटेल ने बताया कि करीब तीन महीने पहले सूची बनाए जाने के बाद से अब तक छह भगोड़ों को पकड़ा जा चुका है।
सूची में शामिल लोगों पर कुल दो अरब डॉलर से अधिक की कथित धोखाधड़ी से जुड़े होने के आरोप हैं। ये सभी मिलकर करीब चार हजार दिन तक फरार रहे।
पटेल के अनुसार, पिछले 20 महीनों में एफबीआइ ने 260 प्रत्यर्पण और देश से निष्कासन की प्रक्रियाएं पूरी की हैं। यह इससे पहले की 20 महीने की अवधि के मुकाबले 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
उन्होंने इसका श्रेय विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग को दिया। बेदी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अभी अमेरिकी अदालत में सुनवाई होनी बाकी है।
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