चंडीगढ़। पंजाब में नरमे की फसल के बर्बाद होेने से परेशान किसानों ने राज्य सरकार द्वारा बेहद कम मुआवजा देने के विरोध में बुधवार को राज्य 12 जगहों पर रेल ट्रैक पर धरना दिया। आक्रोशित किसानों ने दोपहर बाद जगह-जगह रेल ट्रैक जाम कर ट्रेनों के परिचालन को अस्त-व्यस्त कर दिया। विभिन्न रूटों पर 12 से अधिक प्रमुख ट्रेनें जहां-तहां रंकी रहीं। इससे यात्रियों काे भारी परेशानी का समाना करना पड़ा।

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प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। कई जगहों पर किसानों को हिरासत में भी लिया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान रेल ट्रैक पर जमे रहे। कई जगहों पर किसानों ने वीरवार तक लगातार ट्रैक जाम रखने का एलान किया है।

बठिंडा में तीन जगहों पर धरना, 12 से अधिक ट्रेनें प्रभावित

बठिंडा जिले में रामपुरा फूल, सिरसा लाइन पर शेरगढ़ और बीकानेर रेलवे लाइन पर संगत मंडी के पास पथराला में किसानों ने धरना दिया। शाम तक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हो चुकी थी। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रांहा) के जिलाध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि सभी जगह धरने पर किसान रात को भी मौजूद रहेंगे। वीरवार को भी दिनभर जाम रहेगा।

वीरवार को किसान संगठनों की बैठक होगी। इसमें तय होगा कि होगा कि रेलवे लाइनों पर जाम लगातार रहेगा या फिर आंदोलन को किसी अन्य तरीके से किया जाएगा। बठिंडा के पास मानसा और फरीदकोट जिले में चंदभान में जाम लगाने से भी बठिंडा रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित होने से यात्री परेशान हुए। पुलिस व प्रशासन के पदर्शनकारियों को रेलवे लाइन से उठाने के प्रयास नाकाम रहे।

मोगा मेे भी ट्रेनों का आवागमन ठप

माेगा में रेल ट्रैक पर धरना देते किसान।

मोगा के जिले के डगरू रेलवे लाइन पर सैकड़ों की संख्या में किसानों ने शामिल होकर रेलगाडिय़ों का चक्का जाम किया। हालांकि, मौके पर पुलिस पहले से तैनात थी, लेकिन किसानों के सामने पुलिस की एक भी नहीं चली।

मानसा में भी मुसीबत, रेल ट्रैक पर जमे किसान

हजारों की संख्या में जुटे किसानों ने मानसा में रेलवे स्टेशन से शहरी फाटक के बीच रेलवे ट्रैक पर धरना जमा कर रेल यातायात बाधित कर दिया। किसानों के धरने के कारण कई ट्रेनों का रूट बदल दिया गया। सराय रोहिल्ला से फिरोजपुर जाने वाली छिंदवाड़ा एक्सप्रेस मानसा स्टेशन पर आकर रूकी रही। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो धरना अनिश्चितकालीन हो सकता है।


मुक्तसर में ट्रैक जाम से सड़क यातायात भी प्रभावित

श्री मुक्तसर साहिब जिले में किसानों ने फाजिल्का-कोटकपूरा रेल मार्ग पर दो स्थानों पर दोपहर 12 से दो बजे तक धरने लगाए गए। श्री मुक्तसर साहिब शहर में मोड़ रोड स्थित रेलवे फाटक पर पंजाब किसान सभा व कुल हिंद किसान सभा की ओर से धरने दिए गए।

इस दौरान ट्रेन तो कोई नहीं पहुंची, लेकिन धरने के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ। राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। उधर किरती किसान यूनियन की ओर से गांव झबेलवाली में भी रेल ट्रैक पर धरना दिया गया।

संगरूर में स्थानीय रेलवे स्टेशन पर किसानों के करीब एक घंटे धरना दिया। इस दौरान स्टेशन की तमाम गतिविधियां बाधित रही।

अमृतसर में रेल ट्रैक पर डटे रहे किसान

अमृतसर के मुछल गांव, तरनतारन के मानावाला रेलवे स्टेशन व नवांशहर के बहराम रेलवे स्टेशन पर डटे रहे। जम्हूरी किसान सभा, पंजाब किसान यूनियन, किसान संर्घष कमेटी, किरती किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन, देहाती मज़दूर सभा व अन्य संगठनों सैकड़ो सदस्यों बुधवार दोपहर गांव मुछल में कटिहार एक्सप्रेस को रोककर पंजाब सरकार तथा केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस वजह से कटिहार एक्सप्रेस को रद करना पड़ा।

बठिंडा के शेरगढ़ स्टेशन पर जाम लगाकर बैठे किसान।

तरनतारन में दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित

तरनतारन में मानावाला रेलवे स्टेशन के नजदीक रेल ट्रैक पर सैकड़ों किसानों ने धरना लगाया। किसान धरने पर डटे रहे। किसानों के इस आंदोलन की वजह से इस रूट पर एक दर्जन से अधिक गाडिय़ां प्रभावित हुई।

नवांशहर में डीएमयू रोकी

नवांशहर के बहराम रेलवे स्टेशन पर किरती किसान यूनियन के सदस्यों ने रेल ट्रैक जाम कर डीएमयू रोकी। डीएमयू नवांशहर से जालंधर जा रही थी। किसानों के धरने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। करीब ढाई घंटे तक इस रूट पर रेल सेवा बाधित रही।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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