जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 के पूर्व छात्रसंघ प्रधान विशाल छिल्लर की हत्या के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में चश्मदीद गवाह पंकज की गवाही हुई। अदालत में पंकज का क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ, जिसमें उसने कहा कि उसने पुलिस को जो पहले बयान दिए थे, वह बिल्कुल सही थे। मंगलवार को भी वह अदालत में अपने उन्हीं बयानों पर कायम रहा। वहीं पंकज की सिक्योरिटी के लिए कोर्ट रूम के बाहर पुलिसकर्मियों की भीड़ रही।

मामले के दो चश्मदीद गवाह आशीष और पंकज ने कोर्ट में याचिका लगा प्रोटेक्शन प्रोवाइड करवाने के लिए अपील की थी। जिस पर अदालत ने उन्हें प्रोटेक्शन प्रोवाइड करवाई थी। अब मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। मामले में सातों आरोपित की पहचान सुदीप, नवीन, राहुल मंडा, सुमित कुमार, सुशील कुमार, रामदीप और अमनदीप के रूप में हुई थी। सुदीप इस समय पटियाला जेल में बंद है, जहां से उसे मंगलवार को पंजाब पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया।

मामले के मुताबिक, छह मार्च, 2019 को हरियाणा पुलिस में सलेक्ट होने की खुशी में इनसो से पार्टी से डीएवी कॉलेज के पूर्व प्रधान विशाल छिल्लर ने सेक्टर-49 निवासी दोस्त पंकज के फ्लैट पर पॉर्टी आयोजित की। इस दौरान वहां पंकज, आशीष और मेघल, आरोपित अमनदीप नेहरा उर्फ बच्ची सहित आठ-नौ लोग मौजूद थे। पार्टी के बाद विशाल छिल्लर, पंकज, आशीष, मेघल और अमनदीप कमरे में सो गए। देर रात अमनदीप नेहरा ने दरवाजा खोला और कैब बुक कर सीधा मुल्लांपुर स्थित आरोपितों के फ्लैट में पहुंच गया। उसने दरवाजा खुला होने और विशाल, पंकज और मेघल के सोये होने की सूचना दी। सूचना पाकर सातों आरोपित हरियाणा नंबर की आइ-20 कार से सेक्टर-49 पहुंचे। यहां आरोपित सुदीप ने विशाल पर गोली मारी और उसके साथियों ने धारदार हथियारों से हमलाकर विशाल की हत्या कर दी। जबकि पंकज, मेघल और आशीष को गंभीर रूप से घायल कर हरिद्वार फरार हो गए। लेकिन जब पैसे खत्म होने पर चंडीगढ़ आ रहे थे तो इसकी सूचना पुलिस को मिल गई। इसके बाद पुलिस ने नाका लगा आरोपितों को चंडीगढ़-पंचकूला बार्डर से गिरफ्तार किया था। यह कहा बयानों में

अपने बयान में पंकज ने बताया कि विशाल और उनके दोस्त उसके फ्लैट में रात को पार्टी कर रहे थे। इस दौरान कई दोस्तों ने ड्रिक भी ली। रात ज्यादा हो गई थी, लेकिन अमनदीप और ड्रिक करने की बात कर रहा था, जिस पर उसने अमनदीप को थप्पड़ भी मार दिया था। इसके बाद वह सभी सो गए और वह दूसरे कमरे में जाकर दो दोस्तों के साथ जाकर सो गया। मगर सुबह सात बजे जब शोर सुना तो वह उनके कमरे की तरफ भागा। वहां पर आरोपित राहुल मांडा, सुमित, सुशील और रामदीप मौजूद थे जो गंडासा, लाठी और भी हथियार लेकर खड़े हुए थे। इसके बाद उन्होंने उस हमला कर दिया और वहां से भाग गए। वह और उसके दोस्त जख्मी थे। तभी किसी ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पुलिस पहुंच गई थी जो उन्हें अस्पताल लेकर गई थी।

Posted By: Jagran

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