विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'AAP और कांग्रेस को छोड़ सबके...', सुखबीर बादल ने पहली बार तोड़ी चुप्पी; किसके साथ अकाली दल का होगा गठबंधन?

Published: Sat, 10 Oct 2026 06:05 AM (GMT+05:30)

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर अपना रुख स्पष्ट किया है।

सुखबीर बादल ने गठबंधन को लेकर पहली बार तोड़ी चुप्पी। फाइल फोटो

सुखबीर बादल ने गठबंधन को लेकर पहली बार तोड़ी चुप्पी। फाइल फोटो

HighLights

  1. सुखबीर बादल ने गठबंधन पर अपना रुख स्पष्ट किया।

  2. आप और कांग्रेस से गठबंधन का साफ इनकार किया।

  3. पंजाब के हित सर्वोपरि, भाजपा-बसपा विकल्प खुले।

रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गठबंधन को लेकर किसान आंदोलन के बाद पहली बार खुलकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को छोड़कर सभी विकल्प खुले हैं। शिअद के लिए पंजाब व पंजाब के लोग प्राथमिकता हैं और उसी को केंद्र में रखकर गठबंधन का फैसला लिया जाएगा। सुखबीर बादल ने बीते दिन एक मीडिया प्लेटफार्म पर चर्चा के दौरान यह बात कही है।

सुखबीर ने कहा कि जिस भी पार्टी के विचार शिअद से मिलेंगे और जो पंजाब के हितों के लिए काम करने का अपना एजेंडा साझा करेगी, उसके साथ गठबंधन पर विचार किया जा सकता है। गठबंधन के लिए उनके दरवाजे खुले हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिअद किसी भी हालत में सिखों के खिलाफ दंगों में लिप्त रही कांग्रेस और मौजूदा समय में पंजाब में सत्तासीन आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

सुखबीर बादल ने की थी पीएम मोदी से मुलाकात

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में भाजपा और शिअद के रिश्तों में जमीं बर्फ पिघलने और दोनों में फिर से गठबंधन को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इन चर्चाओं को बल उस समय मिला था जब संसद के मानसून सत्र के दौरान सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक हुई। उसके बाद संत लोंगोवाल की बरसी पर सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अपने भाषण में गठबंधन के संकेत दिए।

हालांकि, भाजपा के कई नेता लगातार आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात करते रहे हैं। लेकिन हाल ही में भाजपा की प्रदेश में निकाली गईं नशा मुक्त पंजाब यात्राओं के समापन के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता व देश के गृहमंत्री अमित शाह की जालंधर में भी शिअद से गठबंधन के संकेत मिले थे।

शाह ने अपने भाषण के दौरान जहां अन्य विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया लेकिन अपने पूरे भाषण में उन्होंने शिअद पर चुप्पी बनाए रखी। इसके बाद भाजपा-शिअद में फिर से गठबंधन के लिए अंदरूनी तौर पर तैयारियों की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

बसपा और भाजपा से ही गठबंधन संभव 

अब, भले ही सुखबीर बादल ने किसी पार्टी का नाम लेकर गठबंधन की घोषणा नहीं की, लेकिन यह सर्वविदित है कि शिअद के पास गठबंधन के लिए भाजपा और बसपा ही विकल्प मौजूद हैं। शिअद (मान), शिअद (पुनर-सुरजीत) और शिअद (वारिस पंजाब दे) को इस सूची में शामिल नहीं किया जा सकता क्योंकि यह दल भी उसी पंथक पिच पर राजनीति करते हैं, जिस पर शिअद (बादल)।

बहुजन समाज पार्टी द्वारा पहले ही घोषणा की जा चुका है कि इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव वह शिअद के साथ गठबंधन नहीं करेगी। चर्चा यह भी है कि बसपा और शिअद (वारिस पंजाब दे) के बीच गठबंधन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, जोकि अन्य दलों का चुनावी समीकरण बिगाड़ने वाला साबित हो सकता है।

बहरहाल, 2027 के शुरुआती महीने में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है और इसमें जल्द ही गठबंधन भी सामने आएंगे।