राजेश ढल्ल, चंडीगढ़

जिसका शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार था वह दिन आ गया है। शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। इस चुनाव के परिणाम का असर हर राजनीतिक दल पर पड़ेगा। हर दल का दावा है कि नए साल में वह ही चुनाव जीतने के बाद अपना मेयर बनाएंगे। नगर निगम के पहले साल के कार्यकाल में मेयर का पद महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में नगर निगम अगले साल महिलाएं ही चलाएगी। जहां महिला मेयर बनेगी वहां ही दूसरी तरफ कमिश्नर आनिंदिता मित्रा भी महिला है। शहर की सांसद किरण खेर भी महिला है। सांसद किरण खेर भी मतदान के लिए चंडीगढ़ पहुंच गई है जो कि सेक्टर-7 के सरकारी स्कूल में 12 बजे के बाद मतदान करने के लिए पहुंचेगी। मेयर चुनाव में भी सांसद की वोट होती है ऐसे में वह भाजपा के पक्ष में मेयर उम्मीदवार के लिए अपना मतदान करेगी। नगर निगम चुनाव के परिणाम से यह तय होगा कि अगला लोकसभा चुनाव में किसका दबदबा रहेगा। इस बार करीब 50 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्ड में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों का खेल भी बिगाड़ने जा रहे हैं। शुक्रवार को मतदान के बाद 27 दिसंबर को परिणाम आएगा।

कई नेताओं की प्रतिष्ठा है दाव

चुनाव में कई नेताओं की प्रतिष्ठा दाव पर है। किसी भी दल की सीटें कम आने पर उसके अध्यक्ष की मुश्किल बढ़ जाएगी। उस दल में अध्यक्ष बदलने की भी आवाज उठेगी। इस चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला, भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद, आप संयोजक प्रेम गर्ग और सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा की प्रतिष्ठा दाव पर है। किसी भी दल के हार होने पर उसका ठीकरा अध्यक्ष पर फोड़ा जाएगा ऐसे में उस अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। अगर इस दल में किसी की सीटें ज्यादा आती है तो उसका कद भी पार्टी में बढ़ जाएगा। आम आदमी पार्टी पहली बार नगर निगम चुनाव लड़ रही है ऐसे में आप को मिलने वाली वोट का असर कांग्रेस पर ज्यादा पड़ता है या भाजपा पर इसका निर्णय भी मतगणना के बाद ही होगा।

खूब बंट रही शराब

चुनाव के कारण प्रशासन की ओर से ड्राई डे घोषित किया हुआ है। लेकिन इसके बावजूद वोटर्स को लुभाने के लिए खूब शराब बंटी। उम्मीदवारों के समर्थकों की ओर से पहले ही शराब की पेटियां स्टोर की हुई थी। चंडीगढ़ में शराब के ठेके बंद होने के कारण पंचकूला और मोहाली के ठेकों पर खूब भीड़ रही।

कोटस

इस समय भाजपा के खिलाफ माहौल है। शहरवासी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए तैयार है। कांग्रेस का मेयर बनना तय है इसके बाद शहरवासियों को राहत देने का काम किया जाएगा। आम आदमी पार्टी की शहर में कोई लहर नहीं है।

सुभाष चावला, अध्यक्ष, कांग्रेस।

भाजपा काफी आसानी से नए साल में मेयर बनाने जा रही है। भाजपा काफी सीटे जीतने जा रही है। कांग्रेस और आप इस चुनाव के परिणाम के बाद खत्म हो जाएगी। विकास के नाम पर शहरवासी भाजपा के पक्ष में वोट करेंगे।

अरुण सूद, अध्यक्ष, भाजपा ।

शहर के मतदाताओं ने कांग्रेस और भाजपा दोनो को मौका देकर देख लिया है। शहरवासी इन दोनों दलों से परेशान है। पार्षद चुनाव के बाद मेयर भी आम आदमी पार्टी ही बनाएगी। शहरवासियों का काफी अच्छा रिस्पांस आप के हर उम्मीदवार को मिल रहा है।

प्रेम गर्ग, अध्यक्ष, आप ।

Edited By: Jagran