चंडीगढ़, जेएनएन। 15 हजार रुपये रिश्वत मामले में आरोपित एस्टेट ऑफिस के इंस्पेक्टर जगजीत सिंह को Cbi की स्पेशल Court ने दोषी करार देते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

20 मार्च, 2013 को सेक्टर-24 निवासी राजिंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। राजिंद्र ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह और उसका पड़ोसी विजय कुमार सरकारी कर्मचारी हैं और प्रशासन की तरफ से उन्हें सरकारी घर मिला हुआ है। लेकिन इस घर को उन्होंने किसी को किराये पर दिया हुआ था। जिस पर एस्टेट ऑफिस ने उन्हें शोकॉज नोटिस जारी कर दिया था।

जगजीत इसी विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के रूप में काम करता था। जगजीत ने नोटिस से बचाने के लिए राजिंद्र से 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी, जिसकी पहली 15 हजार रुपये देने के लिए जगजीत ने उसे अपने ऑफिस में बुलाया था। जैसे ही जगजीत ने पैसे हाथ में लिए, ट्रैप लगाकर बैठी सीबीआइ टीम ने तुरंत उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।

ज्वेलर विकास वालिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

 13 करोड़ के चेक बाउंस मामले में मोहाली के ज्वेलर विकास वालिया की अग्रिम जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। बता दें कि लोअर कोर्ट ने पहले 21 सितंबर को वालिया को भगोड़ा करार दिया था। लेकिन पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने उस ऑर्डर को खत्म कर दिया। लेकिन इसके बाद वालिया फिर से अदालत में पेश नहीं हो रहा था जिसके चलते जिला अदालत ने उसे दोबारा भगोड़ा घोषित करने के लिए प्रोसेस शुरू कर दी है। अब मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी 2020 को होगी। 

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Posted By: Vipin Kumar

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