ईपीएफओ अधिकारी को जमानत, ढाई लाख रिश्वत लेते CBI ने किया था गिरफ्तार; 60 दिन जेल में काटे
ईपीएफओ पटियाला के प्रवर्तन अधिकारी शुभम त्यागी को रिश्वत मामले में 60 दिन बाद जमानत मिली। सीबीआई ने उनके खिलाफ ...और पढ़ें

सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
ईपीएफओ अधिकारी शुभम त्यागी को राहत।
केस में सीबीआई चार्जशीट दाखिल कर चुकी।
सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पटियाला स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में तैनात प्रवर्तन अधिकारी शुभम त्यागी को रिश्वत मामले में करीब 60 दिन जेल में रहने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत से जमानत मिल गई।
सीबीआई ने आरोपित के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसी को आधार बनाकर त्यागी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई थी। अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि सीबीआई जांच पूरी कर चुकी है और आरोपित से अब किसी तरह की रिकवरी भी नहीं होनी है।
इन दलीलों के आधार पर अदालत ने उसे जमानत दे दी। उस पर जीरकपुर निवासी हर्षित जिंदल से चार लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप हैं। सीबीआई ने 22 जुलाई को जिंदल की शिकायत पर त्यागी को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई के अनुसार, जीरकपुर निवासी ईपीएफ कंसल्टेंट हर्षित जिंदल के एक क्लाइंट करमपाल गिर के खिलाफ ईपीएफ से संबंधित जांच शुभम त्यागी के पास थी। जिंदल ने जांच से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज त्यागी को उपलब्ध करवा दिए थे।
आरोप है कि इसके बावजूद त्यागी ने करमपाल के खिलाफ कार्रवाई और भारी पेनल्टी लगाने की धमकी दी। इसके बाद 20 जुलाई को उसने जिंदल को सेक्टर-17 स्थित ईपीएफओ कार्यालय बुलाया और करमपाल के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के एवज में चार लाख रुपये रिश्वत मांगी।
जिंदल ने करमपाल से बातचीत के बाद मामले की सूचना सीबीआई को दी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और फिर त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।
चार्जशीट दाखिल, अब चलेगा मुकदमा
सीबीआई ने त्यागी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। उसके खिलाफ 30 सितंबर से केस की कार्रवाई शुरू होगी। मुकदमे के लिए कोर्ट ने उसे 30 सितंबर को पेश होने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है।
