चंडीगढ़, जेएनएन। सीबीआइ के नाम से निगम अधिकारियों के पसीने छूटने लग जाते हैं। शुक्रवार देर शाम अफवाह फैल गई कि निगम के रोड विंग पर सीबीआइ ने रेड मारी है जिससे घर बैठे इंजीनियर्स के हाथ-पांव फूल गए। इंजीनियर्स को लग रहा था कि कहीं उनका नाम न आ जाए। दो घंटे अफवाह का बाजार गर्म रहा। इंजीनियर्स ने अपने मोबाइल फोन भी नहीं उठाए। बाद में पता चला कि सीबीआइ रेड की खबर सिर्फ अफवाह है। उसके बाद इंजीनियर्स ने चेन की सांस ली। असल में पिछले साल ओपन एयर जिम के उपकरण की खरीद-फरोख्त को लेकर सीबीआइ ने रेड मारी थी। उस समय एक चैनल द्वारा रिकॉर्ड खबर का ऑडियो सोशल मीडिया पर किसी ने वायरल कर दिया जिससे लगा कि फिर से रेड हुई है। कई कर्मचारी तो नगर निगम कार्यालय भी पहुंच गए लेकिन वहां पर उन्हें सिर्फ सन्नाटा ही मिला।

टकसाली नेता कर रहे वाट्सएप पर राजनीति

चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को भाजपा के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के कई नेताओं का विरोध ङोलना पड़ रहा है। ऐसे नेता पार्टी के अलग-अलग बनाए गए वाट्सएप ग्रुपों में छाबड़ा की कारगुजारी पर सवाल उठाते हैं। ऐसे में छाबड़ा ने ऐसे नेताओं पर वार करते हुए उन्हें पार्टी कार्यालय में हुई एक बैठक में टकसाली कांग्रेस नेता घोषित कर दिया। छाबड़ा ने बिना नाम लिए मीटिंग में कहा कि ऐसे नेता सिर्फ घर बैठे सोशल मीडिया पर राजनीति करते हैं जबकि फील्ड में उनका कुछ नहीं है। असल में छाबड़ा को अध्यक्ष बने पांच साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन पार्टी ने इन पांच साल में कोई ज्यादा राजनीतिक उपलब्धि हासिल नहीं की है। इसलिए पार्टी में अपने सीनियर नेताओं का प्रदीप छाबड़ा को विरोध भी सहना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं मैडम

राजबाला मलिक मेयर बनने के बाद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गई हैं। मेयर अपने हर कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करती हैं। जिससे उनके विरोधी भी हैरान हैं क्योंकि मेयर बनने से पहले राजबाला मलिक सोशल मीडिया से कोसों दूर थी। लेकिन अब उन्होंने फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर भी अपना अकाउंट खोल दिया है और अपनी हर राजनीतिक गतिविधि को उसमे शेयर करती हैं। यहां तक कि कई शहरवासी मैडम की ओर से शेयर की गई अपनी पोस्ट पर अपने वार्ड की समस्याएं भी बता रहे हैं। जिन पर भी नजर रखी जा रही है। जबकि हाल ही में मेयर की ओर से शहर सड़कों की हालात पर दिए बयान से नगर निगम की काफी किरकिरी भी हुई है। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने शहर की टूटी हुई सड़कों की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया है। लोगों में भी रोष दिखने लगा है।

दिल्ली में एक भी सीट नहीं जीता सके

चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष बनने के बाद ही अरुण सूद की ड्यूटी दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगा दी गई। अरुण सूद भी अपनी टीम के साथ पूरे जोर-शोर से पहुंच गए। जाने से पहले आप के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रेस नोट भी जारी किया। चुनाव प्रचार की हर गतिविधि की तस्वीरें अरुण सूद के साथ अन्य भाजपा नेताओं ने खूब जारी की। सूद के अलावा पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन, डिप्टी मेयर जगतार जग्गा, शक्तिदेव शाली, र¨वदर पठानिया सहित कई नेता गए। चंडीगढ़ भाजपा को नई दिल्ली और उसके आसपास की सीटों पर जीत दर्ज करवाने की जिम्मेदारी दी गई। सूद खुद भी आठ से दस सीटों पर प्रचार करने के लिए गए लेकिन जब परिणाम आए तो सभी नेता ठंडे पड़ गए। क्योंकि एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं हुई जहां पर चंडीगढ़ के नेता प्रचार के लिए गए थे। कांग्रेस नेताओं का भी यही हाल रहा।

 

 

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