जेएनएन, कुराली। नगर काउंसिल अध्यक्ष कृष्णा देवी द्वारा जारी लिखित आदेशों के बाद बुधवार सुबह नेशनल हाईवे पर स्थित सिविल अस्पताल की बाउंड्री वॉल के साथ दो अवैध खोखे को हटाने के लिए काउंसिल के जेई र¨वदर शर्मा की अगुआई में टीम पहुंची थी। टीम के पहुंचने पर विवाद शुरू हो गया और टीम के सदस्यों को बिना कार्रवाई बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर पहुंचे कांग्रेसी पार्षद बहादुर सिंह एवं पूर्व काउंसिल अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोल्डी ने काउंसिल प्रधान पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के नाम का गलत इस्तेमाल कर कार्रवाई करने और मामले को पॉलिटिकल बनाते हुए सिद्धू की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को बीच में ही रुकवा दिया।

काउंसिल प्रधान कृष्णा देवी के आदेशों पर काउंसिल के जेई रविंदर शर्मा टीम के साथ नेशनल हाईवे पर खोखे के रूप में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि हाईवे पर तो एक सिरे से दूसरे सिरे तक अतिक्रमण है फिर इन्ही दो खोखे को हटाने के आदेश क्यों जारी किए गए। मौके पर पहुंचे कांग्रेसी पार्षद व पूर्व काउंसिल अध्यक्ष अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान लोगों ने मौके पर पूर्व काउंसिल अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोल्डी व पार्षद बहादुर सिंह को बुलाया और बताया कि स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का नाम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में आ रहा है।

पार्षद बहादुर सिंह ने मौके पर ही मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को फोन कर मामले की जानकारी दी। पार्षद बहादुर सिंह एवं जसविंदर सिंह गोल्डी ने बताया कि मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का कहना था कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है जिसका मतलब साफ है कि मंत्री सिद्धू का गलत नाम लेकर इस कार्रवाई को अंजाम देने की कोशिश की गई जो सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि मौके पर आने के लिए काउंसिल प्रधान को गुजारिश की गई पर वह नहीं पहुंची, लिहाजा उन्होंने कार्रवाई को बीच में ही बंद करवा दिया।

जेई बोला- मुझे लिखित में मिला है आदेश

बहादुर सिंह का कहना था कि अवैध अतिक्रमण हटाने से पहले इस मसले को हाउस मीटिंग में पार्षदों के समक्ष रखा जाना चाहिए था। वहीं, मौके पर पहुंचे काउंसिल के जेई रविंदर शर्मा का कहना था कि उन्हें काउंसिल अध्यक्ष कृष्णा देवी ने लिखित तौर पर लेटर जारी कर सिविल अस्पताल की बाउंड्री वॉल के साथ खोखे को हटाने के बाद बुधवार शाम आठ बजे तक इस संबंधी रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं, जिसकी कापी साथ लेकर बुधवार को उन्होंने कार्रवाई को अंजाम देते हुए दोनों खोखे हटाने की कवायद शुरू की थी।

अनजाने में करवा लिए हस्ताक्षर

मामले को लेकर काउंसिल अध्यक्ष कृष्णा देवी से संपर्क किया गय तो उनके पति तरलोक चंद धीमान कहा कि प्रधान कृष्णा देवी द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए जारी किए गए लेटर एवं उस मामले में मिनिस्टर बलबीर सिंह सिद्धू के नाम का इस्तेमाल जैसी कोई बात नहीं है। असल में अतिक्रमण हटाने के लिए जारी किए गए लेटर पर किसी ने काउंसिल प्रधान को अनजाने में रख उनके हस्ताक्षर करवा लिए।

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