मोहाली, जेएनएन। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी में तीन जुलाई को घर लौट रहे 18 वर्षीय युवक को एसएचओ बलौंगी के ड्राइवर ने रांग साइड अपनी तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी से टक्कर मार दी। इस हादसे में चप्पड़चिड़ी निवासी सुखबीर ¨सह घायल हो गया। सुखबीर के पिता सुख¨वदर ¨सह ने आरोप लगाया कि बेटे को टक्कर से घायल करने के बाद एसएचओ बलौंगी के गुस्साए ड्राइवर अमरजीत ¨सह ने वर्दी का रौब दिखाते हुए उल्टा उसके घायल बेटे की गलती निकालते हुए उस समय उसके सिर, छाती व मुंह पर लातें मारी, जब उसका बेटा लहूलुहान हालत में सड़क पर तड़प रहा था। यह दर्दनाक मंजर सुखबीर के पिता ने अपनी आंखों से देखा, जिन्होंने मौके पर पहुंची पीसीआर की मदद से अपने बेटे को फेज-6 सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी जांघ में मल्टीपल फ्रैक्चर है। जिस कारण वह अपने बेटे को रोपड़ के सुरजीत अस्पताल ले गए। सात जुलाई को उसके बेटे की अचानक छाती में तेज दर्द उठा तो डॉक्टरों ने उसे पीजीआइ चंडीगढ़ रैफर कर दिया, जहां पहुंचकर उसकी मौत हो गई। ड्राइवर सरकारी गाड़ी का नुकसान देख भड़का सुख¨वदर ¨सह ने बताया कि वह घोड़ा-रेहड़ी चलाता है। उसका बेटा सुखबीर क्वॉरक सिटी लाइटों पर उसे घोड़ा-रेहड़ी देकर अपने बाइक पर घर के लिए निकला। वह भी अपनी रेहड़ी लेकर सुखबीर के पीछे-पीछे था। दोनों मकान नंबर-43 इंदिरा कॉलोनी चप्पड़चिड़ी जा रहे थे। जब सुखबीर वहां पहुंचा तो बलौंगी थाने के एसएचओ का ड्राइवर अमरजीत ¨सह सामने से तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी लेकर आया, उसने सुखबीर के बाइक को टक्कर मारी। सरकारी गाड़ी का बोनट व लाइटें टूट गई। सुख¨वदर ¨सह का आरोप था कि ड्राइवर अमरजीत को इस बात का दुख नहीं था कि उसकी गलती से युवक घायल हो गया और मदद करने की बजाय वह सरकारी गाड़ी का नुकसान देखकर भड़क गया और उसने गाड़ी से उतरकर उसके घायल बेटे को बुरी तरह मारा। चार साल पहले मां व छोटे भाई की सड़क हादसे में हुई थी मौत, पिता बोला : मुझे तो कंधा देने वाला तक नहीं रहा इस दर्दनाक हादसे में एक पिता का वंश ही खत्म कर दिया। सबसे दुखदाई बात यह है कि मृतक सुखबीर की मां मंजीत कौर और उसके छोटे भाई विशाल की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। चार साल पहले उसकी मां मंजीत कौर, भाई विशाल व उसके पिता सुख¨वदर ¨सह बाइक पर पटियाला स्थित परमेश्वर द्वार जा रहे थे, जहां ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी थी। सुखबीर चप्पड़चिड़ी के सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। आज अंतिम विदाई के समय सुखबीर को शादी का सेहरा लगाया गया और नम आखों से पिता के मुंह से सिर्फ यही निकला की मेरी अर्थी को उठाने के लिए अपनों का कांधा तक नहीं रहा। पुलिस मुलाजिम ड्राइवर अमरजीत के खिलाफ आइपीसी की धारा 279, 338 व 304ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। घायल को ड्राइवर अमरजीत द्वारा पीटने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। -मनफूल ¨सह, एसएचओ बलौंगी।

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