जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एके मित्तल ने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण गरीब परिवारों को निशुल्क कानूनी जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है ताकि गरीब परिवारों का कोई हनन न कर सके।

न्यायाधीश नवरात्र मेला के दौरान माता मनसा देवी मंदिर परिसर में लगे हुए जागरूकता शिविर एवं कानूनी प्रकोष्ठ प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद बातचीत कर रहे थे। सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी विवेक गोयल ने बताया कि जिला स्तर पर हर माह कानूनी जागरूकता शिविरों आयोजित करके लोगों को कानूनी शिक्षा निशुल्क दी जा रही है। इन शिविरों की सार्थकता साबित हो रही है तथा अब निरन्तर लोग प्राधिकरण में सेवाएं लेने के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजारे है तथा वे अपने केसों की पैरवी के लिए प्राधिकरण से अधिवक्ता ले रहे हैं। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के संयुक्त रजिस्ट्रार गुरूबक्स सहित कई पैनल अधिवक्ता मौजूद थे।

दिव्यांग को भेंट की ट्राइसाइकिल

माता मनसा देवी परिसर में लगा हुआ कानूनी जागरूकता शिविर बीड़ घग्गर निवासी सोनिया के लिए लाभदायक साबित हुआ तब वह अपने दिव्याग बेटे को लेकर आई। न्यायाधीश ने उसे मौके पर ट्राइसाइकिल देने के निर्देश दिए। इस साईकिल पर वह अपने बेटे का आसानी से ले जा सकेगी। उसका बेटा जन्म से ही दिव्याग ही और वह चल फिर नहीं सकता। उसके साथ सास भी मौजूद थी।

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