विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भ्रष्टाचार केस में निलंबित डीआईजी एचएस भुल्लर को फिलहाल राहत नहीं, जमानत याचिका पर सुनवाई 7 जुलाई तक टली

Published: Sat, 27 Jun 2026 07:15 AM (IST)

भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को हाई कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। ट्रायल शुरू न ...और पढ़ें

पूर्व डीआईजी एचएस भुल्लर।

पूर्व डीआईजी एचएस भुल्लर।

HighLights

  1. निलंबित डीआईजी भुल्लर को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत।

  2. भ्रष्टाचार मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित।

  3. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भुल्लर ने फिर लगाई जमानत अर्जी।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी नियमित जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिना कोई निर्देश जारी किए मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित कर दी।

भुल्लर ने एक बार फिर जमानत की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को खारिज कर दिया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भुल्लर को यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर उनके खिलाफ मामले का ट्रायल शुरू नहीं होता है तो वे दोबारा जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसी आधार को बनाते हुए भुल्लर ने अब फिर से हाई कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की है।

यह भी पढ़ें- पंजाब कांग्रेस में जल्द होगा बदलाव! राजा वड़िंग, चन्नी और रंधावा अचानक पहुंचे दिल्ली, संगठन महासचिव से की मुलाकात

भुल्लर का दावा, जांच हो चुकी है पूरी

याचिका में भुल्लर ने कहा है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस की ओर से चालान भी अदालत में पेश किया जा चुका है। उनका तर्क है कि इस मामले के अधिकांश गवाह सरकारी अधिकारी हैं और वह स्वयं भी निलंबित चल रहे हैं, ऐसे में उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है।

यह भी पढ़ें- फतेहगढ़ साहिब में ईमेल पर युवक को मिली जान से मारने की धमकी, 17 लाख की रंगदारी मांगी; साइबर जांच शुरू

निर्धारित अवधि में ट्रायल नहीं हुआ शुरू

भुल्लर की ओर से यह भी दलील दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छूट के बावजूद निर्धारित अवधि में ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें नियमित जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, मामले में अभी हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई को 7 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।

यह भी पढ़ें- जालंधर में दोस्ती खून में बदली! पहले साथ पी शराब, फिर दी बेरहम मौत; जेसीबी की खुदाई से खुला राज