चंडीगढ़, जेनएन। Dera Sacha Sauda Manager Murder Case: पंचकूला में विशेष सीबीआइ अदालत में आज डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को रणजीत सिंह हत्याकांड में सजा सुनाई जाएगी। इस सुनवाई के मद्देनजर पंचकूला पुलिस प्रशासन ने पूरे जिले में धारा 144  लागू कर दी है। शहर में हर जगह पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। डीसीपी मोहित हांडा द्वारा आज जारी किए गए आदेशों के तहत राम रहीम सहित 5 दोषियों की सजा के फैसले के चलते जिले में जान व माल के नुकसान, जिले में किसी भी तरह का तनाव पैदा करने, शांति भंग करने और दंगों की आशंकाओं को देखते धारा 144 लागू की गई है।

पुलिस के आदेश के मुताबिक धारा 144 का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ आइपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बतां दे कि 2017 में साध्वी शोषण मामले में गुरमीत राम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला सहित पूरे हरियाणा और पंजाब में भी डेरा प्रेमियों ने हिंसा और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। ऐसे में इस बार रंजीत हत्याकांड के फैसले के बाद भी ऐसी घटना न हो इसको लेकर पुलिस विभाग ने पहले ही अलर्ट करते हुए जिले में सुरक्षा के सभी पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं। इसके तहत पंचकूला डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के साथ लगते सेक्टर 1,2,5,6 और संबंधित क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर किसी भी व्यक्ति द्वारा तलवार (धार्मिक प्रतीक कृपाण के अलावा) लाठी, डंडा, लोहे की रॉड, बरछा, चाकू, गंडासी, जेली, छतरी या अन्य हथियार लेकर घूमने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में पंचकूला में 5 या इससे ज्यादा लोगों के इकट्‌ठा होने पर पाबंदी रहेगी।

बता दें कि चार साल पहले पंचकूला में साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त 2017 में राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा भड़क गई थी। हजारों की संख्या में पंचकूला पहुंचे डेरा समर्थकों ने शहर में तोड़फोड़ सहित वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना को आज भी याद कर पंचकूला के बाशिंदे कांप उठते हैं। पंचकूला हिंसा में करीब 35 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना में पंचकूला में डेरा समर्थकों ने हिंसा सहित आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक बेकाबू हो गए थे। कोर्ट के फैसले के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में हथियार और पेट्रोल बम लेकर पंचकूला में घुस गए। सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। 

उस दिन करीब चार घंटे तक पंचकूला की सड़कों की अराजकता का माहौल रहा। हालात काबू करने के लिए सेना व अर्धसैनिक बलों को गोलियां तक चलानी पड़ी थीं। चार साल पहले भड़की हिंसा के निशान आज भी चंडीमंदिर थाने में मौजूद हैं। जले वाहनों के अवशेषों को जंग लग गया है। मामले में पंचकूला में 177 एफआइआर दर्ज की गई थीं और 1137 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि मामले का मुख्य आरोपी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।

Edited By: Ankesh Thakur