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जेएनएन, चंडीगढ़। सोमवार को 11वीं कक्षा में एडमिशन नहीं मिलने के विरोध में अभिभावकों ने सेक्टर-19 स्तिथ डीईओ ऑफिस के बाहर धरना दिया। अभिभावकों का आरोप था कि बच्चों के कम नंबर आने के कारण उन्हें किसी भी स्कूल में एडमिशन ही दिया गया है, जिसके कारण बच्चे एडमिशन से वंचित रह गए हैं। अभिभावकों की तरफ से करीब एक घंटे तक हंगामा किया गया। जिसके बाद डीईओ ऑफिस ने मौके पर पुलिस बुलाई पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर वहां से भेज दिया। डीईओ ने डीएसई आरएस बरार और शिक्षा सचिव से भी एडमिशन के बावत मुलाकात की।

उल्लेखनीय है कि इस बार 11500 सीटों पर ही एडमिशन हुआ है। विभाग की तरफ से इस बार अतिरिक्त बच्चों को एडमिशन नहीं देने का निर्णय लिया था। यह निर्णय सीबीएसई के सर्कुलर के बाद स्कूल विभाग ने जारी किया था। विभाग के अनुसार एक सेक्शन में 40 से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए। यदि इससे ज्यादा एडमिशन देते हैं तो सेक्शन में बच्चों की संख्या 60 तक चली जाएगी। जिसके कारण विभाग ने एडमिशन ना देने का निर्णय लिया था। अब तीन काउंसलिंग के बाद एडमिशन बंद हो चुकी है। जिस कारण अभिभावक परेशान होकर भी ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।

मेयर और एडवाइजर से मिलकर सीटें बढ़ाने की उठाई मांग
10वीं पास कर चुके शहर के करीब 1700 बच्चों को अब तक स्कूलों में दाखिला नहीं मिला है। ऐसे में मेयर राजेश कालिया ने सोमवार को एडवाइजर मनोज परिदा से मुलाकात की। उन्हें इन स्टूडेंट्स की मुश्किलों के बारे में अवगत कराया। मेयर ने एडवाइजर को बताया कि शहर के स्कूलों में सीटें फुल होने की वजह से इन बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। अगर बच्चों को स्कूल में दाखिला नहीं दिया गया तो भविष्य खराब हो जाएगा। ऐसे में एडवाइजर ने एजुकेशन सेक्रेटरी से इस मामले में रिपोर्ट तलब की। साथ ही मेयर राजेश कालिया को आश्वासन दिया कि वह खुद इस मामले को देखेंगे ताकि इन 1700 बच्चों का दाखिला हो सके।

Posted By: Vikas Kumar

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