जागरण संवाददाता, मोहाली। मोहाली जिले में डेंगू (Dengue) बेकाबू हो चुका है। जिले में डेंगू के आंकड़े डराने लगे हैं। मोहाली में डेंगू मामले रुकने के बजाए बढ़ते जा रहे हैं। डेंगू से जिले में अब तक दस मौतें हो चुकी हैं। वहीं मरीजों का आंकड़ा एक हजार से पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। वहीं, मोहाली के अलावा चंडीगढ़ और पंचकूला में भी डेंगू के कई मरीज सामने आ चुके हैं।

मोहाली स्वास्थ्य विभाग जिन मरीजों की डेंगू से मौत हुई है उनका टेस्ट दोबारा करवा रहा है। ताकि इस बात को पुख्ता किया जा सके कि मरीज की मौत का कारण डेंगू ही है या किसी दूसरी वजह से मौत हुई है। निजी लेब्स को सभी रिपोर्ट सेहत विभाग के साथ शेयर करने को कहा गया है।

डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मोहाली सिविल सर्जन डा. आदर्शपाल कौर ने कहा कि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बुखार होने पर फौरन नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके। उधर, डीसी मोहाली ईशा कालिया ने डेंगू पर आने वाले सात दिन पूरी तरह से फोकस करने के लिए बुधवार को फिर से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। डेंगू से निपटने के लिए मोहाली नगर निगम ने शहर को चार जोन में बांट कर फागिंग शुरू की है।

फागिंग वाहनों पर जीपीएस से निगरानी

डीसी ईशा कालिया ने अधिकारियों को कहा है कि फागिंग करने वाले वाहनों पर जीपीएस से नजर रखी जाए। ताकि किस एरिया में कौन से वाहन ने कितनी देर फागिंग की इस बात का पता लग सके। दिन में एक बार की बजाए दो बार फागिंग की जाए। जिन जगहों पर ज्यादा जरूरत है वहां पर नगर परिषदों के अधिकारी अपने स्तर पर इस बात का निर्णय ले। जिले में  जिन जगहों पर पानी खड़ा है वहां पर केमिकल स्प्रे करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डेंगू को फैलने से रोका जा सके।

डेराबस्सी, जीरकपुर और मोहाली में ज्यादा मरीज

निगम कमिश्नर कमल गर्ग ने कहा कि शहर को चार जोन में बांट कर फागिंग की जा रही है। इसके साथ साथ सेनिटरी इंस्पेक्टर अपने अपने एरिया की निगरानी कर रहे हैं। ध्यान रहे कि डेंगू के ज्यादा मामले जीरकपुर डेराबस्सी और मोहाली के शहरी इलाकों से आ रहा हैं। सेहत  विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बुखार आने पर सेल्फ मेडिकेशन न करें और फौरन अस्पताल में संकर्प करें।

Edited By: Ankesh Thakur