जासं, चंडीगढ़ : कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) की चपेट में सबसे ज्यादा 61 फीसद कोरोना संक्रमित मरीजों में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। यह कहना है पीजीआइ के निदेशक प्रो. जगतराम का। प्रो. जगतराम ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट के अलावा 30 फीसद संक्रमित मरीजों में अल्फा वैरिएंट (बी.1.1.7) की पुष्टि हुई है। पीजीआइ की ओर से संक्रमित मरीजों के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) नई दिल्ली को भेजे गए कोविड सैंपल की टेस्टिग के दौरान रिपोर्ट में इसका खुलासा है। मगर अब तक शहर में डेल्टा प्लस वैरिएंट की किसी भी सैंपल में पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लोगों को तीसरी लहर को लेकर सतर्क रहना चाहिए। - 92 फीसद शहर के सैंपल थे जो एनसीडीसी को भेजे गए

- 05 पांच से 24 मई 2021 के बीच लिए गए थे 25 कोविड सैंपल

- 2.50 लाख लोगों का कोविड टेस्ट पीजीआइ में हुआ

- 164 कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है पीजीआइ में 80 फीसद लोगों की अल्फा वैरिएंट से हुई मौत

एकेडेमिक्स डीन और नेहरू अस्पताल विस्तार खंड में बनाए गए कोविड वार्ड के इंचार्ज प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि पीजीआइ से जो सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, उनमें अधिकतर डेल्टा वैरिएंट शामिल थे। चौंकाने वाले तथ्य यह हैं कि पीजीआइ में अब तक कोरोना संक्रमण से जिन लोगों की मौत हुई, उनमें 80 फीसद में अल्फा वैरिएंट की पुष्टि हुई। ऐसे में लोगों को तीसरी लहर की आशंकाओं को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। लोग संक्रमण से बचाव के प्रति खुद सजग रहें तो बेहतर है।

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