चंडीगढ़, जेएनएन। अखंड कीर्तनी जत्थे व प्रवक्ता को कथित ताैरा पर आतंकी संगठन बब्बर खालसा का राजनीतिक चेहरा बताने के मामले में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर मानहानि का केस चलेगा या नहीं, इस पर फैसला चार मार्च को आ सकता है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में सुखबीर के खिलाफ केस चलाए जाने के लिए दलीलें दी।

वहीं कोर्ट ने अब बाकी की दलीलों को सुनने के लिए अगली तारीख तय कर दी है। पीआपी सिंह ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि सुखबीर बादल ने मीडिया से बातचीत कर जो साक्षात्कार दिए उसमें अखंड कीर्तनी जत्थे और उनकी निंदा की। पिछली सुनवाई पर पुलिस ने भी कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश की थी और रिपोर्ट में उन्होंने अभियोजन पक्ष की बात को सही बताया था।

एसएचओ ने तथ्यों काे पाया सही

जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कोर्ट ने संबंधित थाना एसएचओ को आदेश जारी किए थे। इसके बाद एसएचओ ने जांच कर पिछले साल नवंबर महीने में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। अपनी रिपोर्ट में एसएचओ ने बताया था कि शिकायतकर्ता राजिंद्रपाल ने जो केस सुखबीर बादल के खिलाफ अदालत में दायर किया है उसके तथ्यों की जांच उन्होंने की है और वह सही है।

क्या है मामला

मोहाली निवासी राजिंद्रपाल ने बताया कि अखण्ड कीर्तनी जत्था एक धार्मिक जत्था है। सुखबीर बादल ने उनके और जत्थे के बारे में जो कहा इससे उनका नाम खराब हुआ है। अखंड कीर्तनी जत्थे ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने में नाकाम रही पंजाब सरकार की निंदा की थी। बेअदबी के विरोध में पंजाब के बहिबल कलां गांव में सिख संगत इकट्ठा हुई थी बाद में यहां पर हिंसा भी हुई थी।

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