कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में रोजाना साइबर ठगी की घटनाएं हो रही हैं। पढ़े-लिखे लोग भी इन शातिरों के जाल में फंसते जा रहे हैं। नए मामले में शहर में रहने वाले पेशे से डाक्टर से शातिरों ने डेढ़ लाख रुपये की ठगी की है। ठगी के शिकार हुए सेक्टर-15सी के रहने वाले डा. रमन निझवान ने घटना की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।

शातिरों ने डा. रमन निझवान को घर का बिजली बिल बकाया होने का फर्जी मैसेज भेजकर डेढ़ लाख की चपत लगा दी। डा. रमन निझवान की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि इस तरह की ठगी की यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी इस तरह लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं।

शिकायतकर्ता डा. रमन ने बताया कि सेक्टर-15सी में उनका अपना मकान है। 6 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि आपका पिछले महीने के बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ है। इस वजह से आपके घर की बिजली काट दी जाएगी। यह मैसेज बिजली विभाग की तरफ से आने वाले मैसेज की तरह ही था। कुछ ही देर बाद एक व्यक्ति ने काल कर खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। उनसे पिछले महीने के भुगतान बिल को अपडेट करने की बात कही। 

इसके बात शातिर ने डा. रमन से मोबाइल नंबर अपडेट करने के बहाने एक उनके मोबाइल पर क्विक सपोर्ट नाम से एप भी डाउनलोड करवाई। इस एप के माध्यम से 10 रुपये सुविधा शुल्क जमा करने के लिए कहा। डा. रमन ने अपने स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते में 10 रुपये जमा करते ही उनके बैंक अकाउंट से एक लाख 48 हजार 999 रुपये की ठगी हो गई। साइबर थाना पुलिस मामले में अज्ञात आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में लगी है।

इस तरह के मैसेज और फोन आने पर हो जाएं सावधान

ठगी करने वाले शातिर लोगों को इस तरह अपने जाल में फंसा रहे हैं। ये शातिर खुद को बिजली विभाग का अधिकारी या कर्मचारी बता कर लोगों को मोटी चपत लगाते हैं। ये पहले एक टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं जिसमें फर्जी बिजली का बिल बकाया होने की बात कही जाती है। इसके साथ एक बिजली अधिकारी का नंबर भी देते हैं। ग्राहक को बकाया बिजली बिल बताकर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में इस तरह के मैसेज या फोन आने पर लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

नए एप डाउनलोड करवाते हैं शातिर

इनके जाल में फंसकर जब कोई यूजर बिजली बिल का भुगतान करने को तैयार हो जाता है तो ये ठग यूजर को एक निजी गूगल पे नंबर, नए एप डाउनलोड करवाने के साथ अन्य तरीके से भी धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं।

Edited By: Ankesh Thakur