जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जिला अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए आरोपित युवक को दोषी करार दिया। महेंद्र के खिलाफ पुलिस ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था। वहीं, इस वारदात को अंजाम देने में महेंद्र के चाचा पर भी आरोप लगाए गए थे। लेकिन सोमपाल पर लगे आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो सके। जिसके चलते कोर्ट ने सोमपाल को बरी करार दिया। महेंद्र को जिला अदालत बुधवार को सजा सुनाएगी। लड़की के वकील दन बहादुर ने बताया कि दोषी ने लड़की को किडनैप किया था। महेंद्र नाबालिग को अपने साथ पहले अंबाला, फिर दिल्ली और उसके बाद काशीपुर ले गया। जहा उसके साथ गलत काम किया। फिर डर के मारे वह उसे चंडीगढ़ छोड़ गया। लड़की के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया था। उसने शिकायत में बताया कि उनके पाच बच्चे हैं, जिनमें 3 लड़किया और 2 लड़के हैं। सबसे बड़ी बेटी को अपने बहनोई के पास कुछ दिन रहने के लिए भेजा था। 16 अगस्त 2017 को उनके बहनोई का फोन आया। जिसने बताया कि उनकी बेटी बिना किसी को बताए घर से भाग गई है। उन्होंने बेटी की तलाश की। काफी छानबीन के बावजूद जब लड़की नहीं मिली, तो परिवार ने पुलिस को सूचना दी। लड़की ने पहले मेडिकल करवाने से किया था मना

कुछ दिनों बाद पुलिस को वह लड़की रेलवे स्टेशन से मिली। लड़की ने पहले तो अपने बयानों में कहा कि वह अपनी बुआ के घर अपनी मर्जी से गई थी। कोर्ट के आदेश पर लड़की को सेक्टर-15 स्थित आशियाना में भेज दिया गया। पहले तो लड़की ने अपना मेडिकल करवाने से भी मना कर दिया, फिर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने लड़की से बात की। जिसके बाद वह मेडिकल करवाने के लिए राजी हो गई। फिर लड़की ने कोर्ट में दोबारा बयान दिए और कहा कि महेंद्र नाम के लड़के ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

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