चंडीगढ़, जेएनएन। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर-32 एडमिनिस्ट्रेशन ने यह फैसला लिया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और गरीब मरीजों को बेड और डाइट चार्ज नहीं लिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि लॉकडाउन के चलते कई लोग अस्पताल का बिल नहीं दे पा रहे हैं और कई लोग गरीब होने के कारण इसका भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने कोरोना से संक्रमित मरीजों और गरीब मरीजों का बेड चार्ज और डाइट चार्ज माफ कर दिया है। जीएमसीएच 32 के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉक्टर बीएस चवन ने बताया कि नया फैसला अस्पताल के सभी एचओडी और चंडीगढ़ प्रशासन की मंजूरी से लिया गया है।

लॉकडाउन तक नहीं देना होगा पैसा

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक लॉकडाउन तक यह फैसला लागू रहेगा। जब तक लॉकडाउन नहीं खुल जाता। तब तक मरीजों को या करो ना वायरस से संक्रमित मरीजों को बेड और डाइट चार्ज देने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन ने सभी डिपार्टमेंट में मरीजों का बेटे और डाइट चार्ज लॉकडाउन तक के लिए माफ कर दिया है।

शहर के प्राइवेट टेस्ट लैब खोले जाएं

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर-32 में रोजाना मरीजों के कई टेस्ट होते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के चलते चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू और लॉक डाउन लगा रखा है। जिसके चलते शहर में अलग-अलग जगहों पर खुले टेस्टिंग लैब बंद पड़े हैं। ऐसे में मरीजों को अपने टेस्ट कराने के लिए मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों के टेस्ट 10-10 दिन बाद हो रहे हैं। जिसके चलते इलाज में देरी हो रही है। ऐसे में जीएमसीएच-32 अस्पताल प्रशासन की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन को एक पत्र लिखा गया है। कि शहर के कई प्राइवेट टेस्टिंग लैब को खोल दिया जाए। ताकि मरीजों के सैंपल टेस्ट किए जा सकें और उनका इलाज हो सके। 

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Posted By: Satpaul

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