जागरण संवाददाता, पंचकूला :

कोरोना के कारण मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों पर लाइन लग रही है। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित श्मशान घाट में शव जलने पहुंच रहे लोगों को इन दिनों इंतजार करना पड़ रहा है।

वीरवार को हालात कुछ ज्यादा ही गंभीर रहे। शवों की बढ़ती संख्या के आगे सेक्टर-20 का श्मशान घाट छोटा पड़ गया। जब शवों की बारी यहां आती नहीं दिखी, तो नगर निगम की टीम कुछ शवों को दूसरे श्मशान घाट ले गई। हालांकि काफी देर तक नगर निगम की टीम सेक्टर-20 में ही शवों को रखे हुए थी, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शवों को दूसरे श्मशान ले जाने का फैसला किया गया। श्मशान घाट पर दाह संस्कार के लिए एक साथ ले जाए गए 23 शव

वीरवार को सेक्टर- 20 के श्मशान घाट में 23 शव अंतिम संस्कार के लिए आये थे। यहां 15 शवों का संस्कार किया गया। जबकि आठ शवों को संस्कार के लिए सेक्टर- 28 स्थित श्मशान घाट भेजा गया। नगर निगम पंचकूला के एसआइ अजय सूद ने बताया कि रोजाना 14 से 15 शव सेक्टर-20 के श्मशान घाट आ रहे थे, लेकिन वीरवार को 23 शव आये थे, जिसके चलते कुछ शवों को सेक्टर- 28 भेजा गया। नहीं शुरू हुआ गैसीफायर चेंबर

सेक्टर 20 में कोविड मृतकों की बॉडी को इलेक्ट्रिक गैसीफायर चेंबर से अंतिम संस्कार के लिये मेयर कुलभूषण गोयल ने तीन दिन पहले निर्देश दिये थे, लेकिन वह अभी तक शुरु नहीं हो पाया है। नगर निगम द्वारा जिस एजेंसी को यह काम अलॉट किया गया है, उसने चेंबर को चलाकर तो देख लिया है, लेकिन अभी उसमें किसी का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार गैसीफायर चेंबर में पहले किसी लावारिस शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा, ताकि यदि मशीनरी के चलते हुए कोई खराबी आये, तो उसे ठीक करके शव का दोबारा से संस्कार कर दिया जाए, इसलिए जब तक लावारिस शव नहीं आता, तब तक गैसीफायर चेंबर शुरू नहीं हो पाएगा।

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