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चंडीगढ़ में नगर निगम सदन तुरंत हो भंग, कांग्रेस ने उठाई आवाज; दलबदल विरोधी कानून की भी मांग

Published: Fri, 28 Aug 2026 06:46 PM (IST)

कांग्रेस ने चंडीगढ़ नगर निगम सदन को तुरंत भंग करने और नए चुनाव सुधारों के बाद कराने की मांग की ...और पढ़ें

चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लक्की।

चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लक्की।

HighLights

  1. निगम की बैठकों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग।

  2. मेयर का कार्यकाल पांच साल करने की वकालत।

  3. मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा कराने की मांग उठाई।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कांग्रेस ने वर्तमान नगर निगम हाउस को तुरंत भंग करने की मांग की है। प्रशासक से केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श कर नगर निगम अधिनियम में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि नए निगम चुनाव, सुधार लागू होने के बाद ही करवाए जाने चाहिए।

लक्की ने नगर निगम में दलबदल विरोधी कानून लागू करने, मेयर का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित करने और मेयर का चुनाव सीधे जनता से करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम में राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। खरीद-फरोख्त पर रोक लग सकेगी।

लक्की ने कहा कि पिछले कई वर्षों में नगर निगम के कामकाज से शहरवासी निराश हुए हैं। भ्रष्टाचार के आरोप, पारदर्शिता की कमी, नियमों की अनदेखी और विवादित फैसलों ने चंडीगढ़ की छवि को प्रभावित किया है।

हाल ही में सामने आए 227 करोड़ रुपये के टेबल एजेंडा विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस के विरोध और जनता के दबाव के बाद भाजपा को एजेंडे वापस लेने पड़े।

उन्होंने कहा कि 24x7 पानी सप्लाई परियोजना, डड्डूमाजरा गारबेज प्लांट, कचरा प्रबंधन और मनीमाजरा से जुड़े मुद्दे भी चिंता का विषय हैं। लक्की ने कहा कि नगर निगम की बैठकों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए। हर एजेंडे पर उचित चर्चा और बहस हो। जनता के पैसे से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता बरती जाए।

मनोनीत पार्षद विशेषज्ञता के आधार पर बने

नामित पार्षदों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि पहले विशेषज्ञता के आधार पर इंजीनियरिंग, शहरी नियोजन, चिकित्सा, प्रशासन और रक्षा सेवाओं से जुड़े लोगों को नामित किया जाता था।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में भी नामांकन राजनीतिक आधार के बजाय विशेषज्ञता और चंडीगढ़ के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इन सुधारों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह नगर निगम व्यवस्था चंडीगढ़ के हित में आवश्यक है।